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दीवार पर सिग्नेचर कर अटेंडेंस लगाने वाली राजस्थान की यह अधिकारी, जानिए क्या है पूरा मामला

अधिकारियों के इस व्यवहार से परेशान होकर मीनाक्षी वर्मा ने अपने ऑफिस की दीवार पर ही साइन करना शुरू कर दिया. साथ ही स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जिला कलेक्टर) को मेल पर अपनी हाजिरी भेजना शुरू कर दिया.

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डीटीपी मीनाक्षी वर्मा ऑफिस की दीवार पर लगा रहीं अटेंडेंस (Photo Aajtak).
डीटीपी मीनाक्षी वर्मा ऑफिस की दीवार पर लगा रहीं अटेंडेंस (Photo Aajtak).

राजस्थान के अजमेर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. शहर की डिप्टी टाउन प्लानर इन दिनों ऑफिस की दीवार पर अटेंडेंस लगाने को मजबूद हैं. महिला अधिकारी हर रोज दीवार पर सिग्नेचर करके अपनी अटेंडेंस लगाती हैं. क्योंकि उन्हें हाजिरी लगाने के लिए रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया है. जानिए आखिर क्यों महिला अधिकारी ऑफिस की दीवार पर सिग्नेचर करने को मजबूर हैं. 

दरअसल, अजमेर स्मार्ट सिटी ऑफिस में उप नगर नियोजक (डीटीपी ) के पद पर तैनात मीनाक्षी वर्मा को 9 अगस्त को एपीओ (अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर) कर दिया गया था. मीनाक्षी वर्मा सरकार के इस आदेश के खिलाफ कोर्ट से स्टे लेकर आ गई थी. इसके बावजूद अजमेर स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कोर्ट के आदेश को भी नहीं माना था.

नहीं मिला साइन करने के लिए रजिस्टर

इसके बाद डीटीपी मीनाक्षी वर्मा रोज अपने ऑफिस आने लगीं. ऑफिस आने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अटेंडेंस लगाने के लिए रजिस्टर उपलब्ध कराया जाता है. मगर, मीनाक्षी को साइन करने के लिए रजिस्टर नहीं दिया जाता है. एक दिन, दो दिन तक परेशान होने के बाद मीनाक्षी ने जब साइन के लिए रजिस्टर्ड नहीं मिलने के संबंध में उच्च अधिकारियों से बात की तो उन लोगों ने कुछ भी नहीं बताया. मीनाक्षी अधिकारियों के इस रवैये से परेशान हो गईं.

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दीवार कर अटेंडेंस और डीएम को मेल

अधिकारियों के इस व्यवहार से परेशान होकर मीनाक्षी वर्मा ने अपने ऑफिस की दीवार पर ही साइन करना शुरू कर दिया. साथ ही स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जिला कलेक्टर) को मेल पर अपनी हाजिरी भेजना शुरू कर दिया. ऑफिस आने पर हर रोज मीनाक्षी पहले दीवार पर अटेंडेंस का साइन करती हैं और फिर डीएम को मेल करती हैं. इन दिनों मीनाक्षी की नौकरी यहीं से शुरू होकर यहीं खत्म हो जाती है.

अजमेर डीटीपी मीनाक्षी वर्मा द्वारा लिखा गया पत्र.
अजमेर डीटीपी मीनाक्षी वर्मा द्वारा लिखा गया पत्र.

मीनाक्षी ने बताया क्यों किया गया था उन्हें APO

डीटीपी  मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि जब जनहित में शहर के लोगोx ने स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों को एनजीटी में चुनौती दी तो अफसरों ने एनजीटी में गलत जवाब पेश करने के मामले में उन्हें एपीओ कर जयपुर के लिए रिलीव कर दिया. इसके बाद राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में चुनौती दी. अधिकरण ने आदेश पर रोक लगाते हुए डीटीपी का पदस्थापन उसी स्थान पर रखने का निर्देश दिया.

डीटीपी ने अधिकरण के आदेश पर 18 अगस्त को ज्वाइनिंग सीईओ को दी. तीन-चार दिन तक उसने स्मार्ट सिटी ऑफिस के हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर किए, लेकिन अब हाजिरी रजिस्टर नहीं दिया जा रहा है. मजबूरन डीटीपी को दीवार पर हस्ताक्षर करने पड़ रहे हैं.

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मामले ने तूल पकड़ा तो दी गई कार्यग्रहण करने की अनुमति

वहीं, मामला की जानकारी जब डीटीपी ने मीडिया को दी तो अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशिल कुमार ने विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त होने तक कार्यग्रहण करने की अनुमति दे दी है.

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