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मोदी-भागवत हिंदू राष्ट्र की बात करते, इसलिए अमृतपाल मांग रहा अलग खालिस्तान- CM गहलोत

सीएम गहलोत ने कहा कि अमृतपाल सिंह कह रहा है कि अगर मोहन भागवत और नरेंद्र मोदी हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं तो मैं खालिस्तान की बात क्यों नहीं करूं? गहलोत ने कहा कि आज देश में जातिवाद और धर्म के नाम पर राजनीति हो रही है. गहलोत ने कहा कि आप दोनों की वजह से ही अमृतपाल की हिम्मत बढ़ी है.

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अशोक गहलोत-फाइल फोटो
अशोक गहलोत-फाइल फोटो

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को लेकर बयान दिया है. अमृतपाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर नए राष्ट्र की मांग करना गलत है. जिस तरह से मोहन भागवत हिंदू राष्ट्र की मांग कर रहे हैं, वैसे ही पंजाब में अमृतपाल सिंह खालिस्तान की मांग कर रहा है. गहलोत ने कहा कि आज देश में जातिवाद और धर्म के नाम पर राजनीति हो रही है. 

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सीएम गहलोत ने कहा कि अमृतपाल सिंह कह रहा है कि अगर मोहन भागवत और नरेंद्र मोदी हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं तो मैं खालिस्तान की बात क्यों नहीं करूं? पीएम मोदी और मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि आप दोनों की वजह से ही अमृतपाल की हिम्मत बढ़ी है. क्योंकि आप हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं.

सचिन पायलट पर हमला
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए इशारों इशारों में कहा कि यदि हमारी सरकार फिर से बनती है तो मुख्यमंत्री मैं ही बनूंगा. उन्होंने कहा कि मैंने कभी भी मुख्यमंत्री बनने की मांग नहीं की थी. जब गांधी परिवार ने देखा कि सभी जातियां मुझे प्रेम करती हैं तो उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री बना दिया.

रेवड़ी की तरह न बांटे पोस्ट 
राजस्थान में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच नाराजगी खत्म होती नजर नहीं आ रही है. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव का ऐलान होते ही कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने एक बार फिर कड़े तेवर दिखाए. एक दिन पहले ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को जल्द मुद्दों का निपटारा करना होगा, तभी राज्य में कांग्रेस की वापसी होगी. इतना ही नहीं उन्होंने अपनी ही सरकार को लताड़ लगाते हुए कहा कि सरकारी पोस्ट को रेवड़ी की तरह न बांटे, सिर्फ कांग्रेस के वरीष्ठ कार्यकर्ताओं को जगह मिलनी चाहिए. 

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सचिन पायलट ने कहा, कर्नाटक में चुनाव तारीखों का ऐलान हो गया. इस साल राजस्थान में भी चुनाव होने हैं. राजस्थान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को लंबित मुद्दों को हल करना जरूरी है. तभी पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ सकेगी. उन्होंने कहा, गहलोत सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पदों पर नियुक्त होकर पार्टी कार्यकर्ताओं को उनका बकाया मिले. राजस्थान में राज्य सरकार द्वारा हाल ही में सेवानिवृत्त हुए नौकरशाहों को रेवड़ी की तरह पद नहीं दिए जाने चाहिए.
 

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