Rajasthan News: अजमेर में होटल स्टाफ के साथ संगीन मारपीट करने के बहुचर्चित मामले में कोर्ट ने IAS-IPS, तहसीलदार, पुलिसकर्मी और पटवारी सहित 12 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गेगल थाना पुलिस के एफआर को नामंजूर कर दिया. साथ ही, एसपी को निर्देश दिया है कि आरोपियों को वारंट तामील काराएं और केस डायरी भी कोर्ट ने तलब की है. साथ ही हर सोमवार को एसपी से केस से जुड़ी रिपोर्ट भी मांगी गई है.
दरअसल, 11 जून 2023 की रात 2 बजे अजमेर में जयपुर रोड स्थित होटल मकराना राज में कर्मचारियों को डंडों और रॉड से पीटा गया. घटना को लेकर होटलकर्मियों की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अगले दिन 12 जून 2023 मामला दर्ज किया था. आरोप है कि गेगल थाने को सूचना भी दी गई और पुलिस मौके पर भी पहुंची. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उल्टा होटल स्टाफ को ही पीटने लगी थी.
जब घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया तो उसमें आईएएस-आईपीएस के शामिल होने की पुष्टि हुई. एसपी ने एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को ही लाइन भेज दिया. इस मामले में आईएएस गिरधर और आईपीएस सुशील बिश्नोई निलंबित कर दिया गया.
ऐसे में अब न्यायिक मजिस्ट्रेट मनमोहन चंदेल ने आदेश में कहा कि जांच में साफ है कि आरोपियों ने पुलिस जांच में सहयोग नहीं किया. इसलिए इस मामले में हस्तक्षेप किया जाना न्यायोचित व न्यायसंगत लगता है. घटना में आईएएस-आईपीएस के शामिल होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने सरकार को नहीं बताया.
निवर्तमान चीफ सेक्रेटरी उषा शर्मा की नाराजगी के बाद दोनों अधिकारी सस्पेंड किए गए थे. अदालत ने कहा कि आरोपियों में वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं, इसलिए इनका गिरफ्तारी वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक की है, इसलिए विशेष कार्रवाई कर वारंट तामील कराए जाएं और ऐसा नहीं होने पर तामील के लिए किए गए प्रयासों की रिपोर्ट मय आमद रवानगी के साथ हर सोमवार को अदालत में हाजिर होकर लिखित में बताई जाए.