राजस्थान में दलित महिला के साथ दुष्कर्म के बाद आरोपी ने थिनर (एसिड) फेंककर महिला को आग लगा दी थी. इस घटना में महिला ने देर रात उपचार के दौरान जोधपुर में दम तोड़ दिया. इस मामले में भारतीय जनता पार्टी और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि बाड़मेर पुलिस और प्रशासन ने कई घंटे तक पीड़ित महिला की सुध नहीं ली. जब बीजेपी के नेता, कार्यकर्ता निजी अस्पताल पहुंचे तो आनन-फानन में पुलिस-प्रशासन ने महिला को जोधपुर रेफर किया. इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
प्रतिपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ से लेकर केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी व गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस मामले को लेकर गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. पीड़िता के परिजनों के अनुसार, गुरुवार दोपहर पीड़िता अपने घर पर थी. उसी दौरान पड़ोस में रहने वाला 30 वर्षीय शकूर खान घर में घुस गया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा.
इसी दौरान आरोपी ने पीड़िता के ऊपर थिनर (एसिड) फेंक दिया और आग लगा दी. वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गया. इस घटना में पीड़िता 50 फीसदी तक झुलस गई. जब चीख-पुकार मची तो परिजन भागे. पीड़िता को पहले सरकारी अस्पताल ले जाया गया, इसके बाद निजी अस्पताल ले गए. महिला की हालत गंभीर होने के चलते उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया, जहां देर रात पीड़िता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. पीड़िता के चार बच्चे हैं.
राजस्थान में बहन-बेटियों से बर्बरता रुकने का नाम नहीं ले रही।
हम राजस्थानियों ने कभी सोचा नहीं था कि ऐसे दिन भी देखने पड़ेंगे। #नहीं_संभलता_तो_छोड़_दो pic.twitter.com/Vup2lXEuj0— Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) April 7, 2023
बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा- प्रशासन ने मामले में बरती लापरवाही
बीजेपी से जुड़े कार्यकर्ता दुर्गसिंह राजपुरोहित का कहना है कि निजी अस्पताल के बाहर हम पीड़िता के इलाज की जानकारी लेने के लिए पहुंचे थे. पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी इस मामले में करीब 24 घंटे बीत जाने के बाद भी सुध लेने के लिए नहीं पहुंचे. जब हम वहां इकट्ठे होने लगे तो आनन-फानन में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने पहुंचकर पीड़िता के इलाज की जानकारी ली.
जब दबाव के चलते गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया, जहां पर देर रात इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई. इस घटना को लेकर बीजेपी का आरोप है कि पुलिस के अधिकारियों ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और बदतमीजी की.
पचपदरा के पुलिस उपाधीक्षक मदन लाल मीणा का कहना है कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर एससी-एसटी, दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पीड़िता ने इलाज के दौरान जोधपुर में दम तोड़ दिया है. पीड़िता पर एसिड या कुछ अन्य पदार्थ फेंका गया था, इसकी जांच की जा रही है. आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
पीड़िता की रिश्तेदार ने कहा- हैवानियत की हदें पार कर दीं, हमें भी डर लग रहा है
राजस्थान के बाड़मेर के पचपदरा थाना इलाके के एक गांव में दलित महिला के साथ रेप के बाद एसिड डालकर जिंदा जलाने के मामले में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई है. पीड़िता के घर पर कोहराम मचा हुआ है. पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. महिलाओं ने घटना के बारे में कहा कि पीड़िता घर में अकेली थी. उसी दौरान आरोपी घुस गया और रेप किया. इसके बाद थिनर मुंह पर उड़ेल दिया और आग लगा दी. पीड़िता के चिल्लाने पर आसपास की महिलाएं पहुंचीं और जैसे-तैसे आग बुझाई.
एसपी बोले- पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है, की जा रही है कार्रवाई
इसके बाद अस्पताल ले गए. घटना के बाद से आसपास डर का माहौल है. महिला की रिश्तेदार ने कहा कि हम दिनभर घर में अकेले रहते हैं, बच्चे छोटे हैं. हमारे साथ भी इस तरह की कोई घटना न हो जाए, इसलिए आरोपी को फांसी की सजा होनी चाहिए.
बाड़मेर एसपी दिगंत आनंद का कहना है कि 7 अप्रैल को पीड़िता के परिजनों ने शिकायत की थी. इस रिपोर्ट के आधार पर शकूर खान नाम के आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे पुलिस ने डिटेन कर लिया था. पीड़िता की मौत से पहले मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज कर लिए थे. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
राजस्थान बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बोले- यह घटना कलंकित कानून व्यवस्था की बानगी
इस मामले में राजस्थान के पूर्व बीजेपी चीफ डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कि पचपदरा थाना क्षेत्र में महिला के साथ हुई अमानवीय घटना प्रदेश की कलंकित कानून व्यवस्था की बानगी है. कांग्रेस सरकार संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को भी लांघ चुकी है.