राजस्थान के धौलपुर में जहरीले सांप ने भाई-बहन को डस लिया. परिवार के लोग दोनों को इलाज कराने ले जाने के बदले झाड़-फूंक कराने लगे. इसी में परिवार के लोगों ने दस घंटे का वक्त निकाल दिया. नतीजतन सांप का जहर बच्चों के शरीर में फैल गया और उनकी मौत हो गई. यूं कहें की सांप के जहर की जगह माता-पिता की लापरवाही के चलते बच्चों की जान चली गई. यदि वह लोग दोनों को समय पर अस्पताल ले गए होते तो शायद दोनों बच्चे जिंदा होते.
दरअसल, जिले के कौलारी थाना इलाके के खरगपुर गांव में गजन सिंह का तीन वर्षीय पुत्र यादव और उसकी बहन गुड्डी की चार वर्षीय पुत्री कोपीचा शनिवार की देर शाम को घर के अंदर कमरे में खेल रहे थे. तभी रात आठ बजे के करीब जहरीले सांप ने दोनों भाई-बहन को डस लिया. दोनों बच्चे जोर-जोर से रोने लगे.
दोनों के रोने की आवाज सुन जब परिवार के लोग उनके पास पहुंचे तो देखा कि पास ही काला सांप मौजूद था. शोर सुन गांव के अन्य लोग भी वहां पर आ गए और फिर लाठी से सांप के मार दिया गया. इधर, सांप का जहर बच्चों के शरीर में फैलने लगा, जिसके चलते दोनों के मुंह से झाग निकलने लगा और शरीर नीला पड़ने लगा.
परिजन दोनों बच्चों के इलाज के लिए अस्पताल ले जाने जगह झाड़-फूंक करने वालों के पास यूपी के खेरागढ़ कस्बे ले गए. झाड़-फूंक करने वालों ने बच्चों के शरीर से साप का जहर उतारने के नाम पर दस घंटे तक इलाज किया. बच्चे ठीक होने के जगह उनकी तबीयत और बिगड़ गई.
घबराए परिजन बच्चों को लेकर बसई नबाव के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. एक साथ दो परिवारों के बच्चों की मौत से परिवारों में मातम छा गया है. परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही दोनों बच्चों को दफना दिया. वहीं, घटना की जानकारी लगते है फिलहाल पुलिस ने गांव में पहुंच कर घटना के बारे में जानकारी ली.