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रेप के बाद जिंदा जलाया... बाड़मेर की दलित महिला से दरिंदगी की पूरी कहानी और उबलता राजस्थान

राजस्थान में एक युवक ने दलित महिला को रेप के बाद जिंदा जला दिया. पीड़ित महिला ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद महिला के परिजनों का गुस्सा गहलोत सरकार पर फूट पड़ा. वहीं घटना को लेकर प्रदेश में राजनीतिक उबाल आ गया है. भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सरकार की नाकामी बताया है.

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बाड़मेर की दलित महिला से दरिंदगी को लेकर बवाल.
बाड़मेर की दलित महिला से दरिंदगी को लेकर बवाल.

राजस्थान के बाड़मेर में दलित महिला से रेप और एसिड डालकर जलाने के मामले में राजनीतिक भूचाल आ गया है. भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इसे गहलोत सरकार की नाकामी बताया है. वहीं इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने राजस्थान के डीजीपी को पत्र लिखकर तय वक्त में जांच पूरी करने को कहा है. बता दें कि बाड़मेर में एक शख्स ने घर में घुसकर दलित महिला से रेप किया और फिर थिनर डालकर उसे आग के हवाले कर दिया था.

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बाड़मेर में क्या हुआ?

राजस्थान के बाड़मेर जिले में 6 अप्रैल को बालोतरा कस्बे की एक 45 वर्षीय दलित महिला के साथ उसके पड़ोसी ने कथित रूप से रेप किया. इसके बाद थिनर (एसिड) डालकर उसे आग के हवाले कर दिया. इसमें महिला गंभीर रूप से झुलस गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. जोधपुर के एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया.

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में की गई शिकायत में कहा गया है कि 30 वर्षीय शकूर खान गुरुवार दोपहर 1 बजे महिला के घर में घुस गया और उसके साथ रेप किया. घटना के बाद आरोपी ने महिला पर थिनर फेंका और आग लगा दी. इसके बाद वह मौके से फरार हो गया.

यह भी पढ़ेंः बाड़मेर रेप केस: रात 2 बजे तक चला मान-मनौवल का दौर, नौकरी-मुआवजे के वादे पर पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार हुआ परिवार

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इसके बाद जब चीख-पुकार मची तो आसपास की महिलाएं दौड़कर मौके पर पहुंचीं. महिलाओं व अन्य लोगों ने जैसे-तैसे आग बुझाई, लेकिन तब तक महिला काफी झुलस चुकी थी. इसके बाद उसे पहले बाड़मेर के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में जोधपुर रेफर कर दिया गया, जहां शनिवार तड़के उसकी मौत हो गई.

महिला के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरू में मामला दर्ज करने में आनाकानी की. इस मामले को लेकर दलित समुदाय के लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया. जिस आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उसके खिलाफ शुरू में धारा 376, 326, 450 और SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में एफआईआर में धारा 302 भी जोड़ दी गई.

पैतृक गांव लाया गया शव, आज होगा अंतिम संस्कार

घटना के बाद परिजनों ने 18 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल के मॉर्च्युरी के बाहर शव रखकर धरना दिया. उनकी मांग थी कि परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, सरकारी नौकरी और आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए. सूचना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों से मांगों को पूरा कराने का आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त किया. जोधपुर अस्पताल की मोर्चरी से शव को महिला के पैतृक गांव लाया गया है. पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में आज अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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घटना को लेकर गरमाई राजनीति

बता दें कि राज्य में विधानसभा चुनाव भी होने हैं. इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता कांग्रेस पर हमलावर बने हुए हैं. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट किया, ''बालोतरा में एक दलित महिला के साथ दुष्कर्म कर उसे तेजाब से जलाकर मार डालने के मामले ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि राजस्थान में अब कोई भी सुरक्षित नहीं है. दलित और महिलाएं तो बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं.'

उन्होंने लिखा, 'मानवता को शर्मसार कर देने वाले इस मामले को दबा देना राजस्थान सरकार के निंदनीय और असंवेदनशील रवैये को दर्शाता है. दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.'

वहीं नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने ट्वीट कर कहा, 'बालोतरा में एक विवाहिता के साथ दुष्कर्म कर उसे ज्वलनशील पदार्थ से जलाने और फिर पुलिस द्वारा अस्पताल के बाहर लोगों से बदतमीजी करने की वीभत्स घटना सरकार पर धब्बा है'' अनिवार्य और ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने का दावा करने वाली गहलोत सरकार का असली चेहरा सबके सामने आ गया है.

दीया कुमार ने ट्वीट कर लिखा- कांग्रेस के जंगलराज में बढ़ रहीं हैं घटनाएं

घटना को लेकर राजसमंद की सांसद दीया कुमारी ने ट्वीट कर लिखा, बालोतरा में दलित महिला के साथ हुए जघन्य अपराध और उपचार के दौरान मृत्यु होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक एवं दुःखद है. प्रदेश में कांग्रेस के जंगलराज में जिस तरह महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं, यह बेहद शर्मनाक और चिंताजनक विषय है.

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इस बीच, जिला प्रशासन की लापरवाही का पता लगाने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीपी जोशी ने भाजपा सांसद पीपी चौधरी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया है. रविवार दोपहर सदस्य बालोतरा पहुंचेंगे, इनके साथ ही उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया भी बालोतरा पहुंचेंगे.

यह भी पढ़ेंः राजस्थान: महिला से रेप के बाद जिंदा जलाकर मार डाला... कांग्रेस निशाने पर, बीजेपी ने बुलाया बंद, गठित की जांच कमेटी

इस मामले में भाजपा एसएचओ को तत्काल निलंबित करने की मांग कर रही है. एसएचओ पर कथित तौर पर केस दर्ज करने में लापरवाही बरतने का आरोप है.

कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कांग्रेस से बालोतरा विधायक मदन प्रजापत के बीच भी जुबानी जंग छिड़ गई है. शेखावत ने ट्वीट कर कहा, 'बालोतरा इंसाफ मांग रहा है, सरकार कटघरे में खड़ी मौन है! कांग्रेस ने राजस्थान में अपराध नहीं रोके, उल्टे कानून-व्यवस्था को गर्त में पहुंचा दिया है. जिस सरकार के मंत्री को महिलाओं की आबरू लूटने वालों में मर्दानगी दिखाई देती है, क्या वो जनता की अदालत में अपराधी नहीं है?

गजेंद्र सिंह शेखावत को ट्वीट पर बालोतरा विधायक ने दिया ये जवाब

शेखावत के आरोपों के जवाब में बालोतरा विधायक मदन प्रजापत ने कहा, 'हजारों परिवार संजीवनी घोटाले में बाड़मेर में भी सैकड़ों मामले दर्ज हो चुके हैं. हर वर्ग के साथ गजेंद्र सिंह ने अपने समाज के लोगों को भी नहीं छोड़ा. कई राजपूत परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी जमा पूंजी संजीवनी में लगाई थी.'

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दलितों और महिलाओं के खिलाफ क्राइम की स्थिति

तीन साल में दर्ज हुए दुष्कर्म के मामले

वर्ष              क्राइम केस

2020          5310
2021          6337
2022          7093

पिछले तीन वर्षों में क्राइम में 33.58 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई.

दलित महिलाओं के खिलाफ रेप के मामले

वर्ष                  क्राइम केस
2020              476
2021              566
2022              658

बीते तीन वर्षों में दलित महिलाओं के साथ अपराध के मामलों में 38.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

राष्ट्रीय महिला आयोग ने राजस्थान के डीजीपी को लिखा पत्र

इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बाड़मेर रेप मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के संबंध में राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि मामले की समय से निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए.

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