राजस्थान में कोटा के एक अस्पताल में लीप-डे पर 22 बच्चों ने जन्म लिया. रात 12 से दोपहर 3 तक 17 बच्चों ने जन्म लिया. फिर शाम 5 बच्चों का जन्म हुआ. 29 फरवरी को जन्मे इन बच्चों का जन्मदिन 4 साल में एक बार मनाया जाएगा. जानिए इसको लेकर इन नवजातों के परिवार वालों का क्या रिएक्शन है.
सभी जानते हैं कि 29 फरवरी क्यों खास होती है. यह लीप ईयर में आती है. इस तारीख को लेकर न सिर्फ कई पहेलियां है, बल्कि कई बड़ी परीक्षाओं में इससे जुड़े सवाल आते हैं. इस तारीख में जन्म लिए बच्चे अपना बर्थडे कब मनाएंगे? जैसे सवाल भी लोगों को कौतूहल में डालते हैं.
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लोग ऐसा मानते हैं कि लीप-डे पर जन्मे बच्चे प्रतिभाशाली होते हैं. वो जीवन की ऊंचाइयों को छूते हैं और दुनिया में नाम कमाते हैं. इस कड़ी में अगर चर्चित लोगों की बात करें तो पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई, भारतीय अभिनेत्री वर्षा उसगावकर का जन्म भी 29 फरवरी को हुआ. ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध निशानेबाज प्रकाश नंजप्पा और विश्वव प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना रुक्मिणी देवी का जन्म भी इसी दिन हुआ.
कोटा के जेके लोन शिशु अस्पताल के अधीक्षक आशुतोष शर्मा ने बताया कि 29 फरवरी को जेके लोन अस्पताल में 22 बच्चों ने जन्म लिया है. 22 बच्चों में से 14 मेल बच्चे हैं. 10 बच्चे नॉर्मल डिलीवरी से पैदा हुए. बाकी 12 बच्चे ऑपरेशन से हुए. सभी बच्चे स्वस्थ हैं.
जेके लोन अस्पताल के शिशु डिलीवरी PN-2 वार्ड की इंचार्ज बद्री मीणा ने बताया कि 29 फरवरी के दिन जन्म लेने वाले बच्चों के पेरेंट्स में अलग ही खुशी थी. सभी बच्चे हैं. हमारे लिए भी हर्ष का विषय रहा कि हमारे यहां 29 फरवरी को इतने बच्चों का जन्म हुआ.
29 फरवरी को नवजात को जन्म देने वाली मीना सिंह ने बताया, उन्होंने बेटी का नाम रूहानिका रखा है. उसका जन्मदिन 4 साल में एक बार धूमधाम से मनाएंगे. परिवार में बहुत खुशी है. एक अन्य मां हिना ने कहा, हमारा बच्चा बहुत स्पेशल है. उसका जन्मदिन 4 साल में एक बार मनाऊंगा. बच्चे के लिए भी यह डे स्पेशल है. मैंने बच्चे का नाम नावाज रखा है.