राजस्थान की 7 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा एक्शन लिया है. देवली-उनियारा सीट से निर्दलीय उपचुनाव लड़ने पर कांग्रेस ने नरेश मीणा को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निकाल दिया है.
नरेश मीणा ने देवली उनियारा विधानसभा सीट से उपचुनाव के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था. पार्टी की ओर से चेतावनी दिए जाने के बावजूद उन्होंने अपना नामांकन वापस नहीं लिया, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है.
इससे पहले भी नरेश मीणा कांग्रेस से बगावत कर चुके हैं. हाल में उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में बगावत करते हुए छाबड़ा सीट से चुनाव लड़ा था और इसके बाद उन्हें राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा ने छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था. इसके बाद लोकसभा चुनाव के दौरान उनकी पार्टी में वापसी हो गई थी. उन्होंने लोकसभा चुनाव में भी निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया था, लेकिन बाद में पार्टी नेताओं ने मना लिया था.
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कांग्रेस ने केसी मीणा को बनाया है प्रत्याशी
कांग्रेस ने देवली-उनियारा सीट से केसी मीणा को आधिकारिक प्रत्याशी बनाया है, जबकि इसी सीट से नरेश मीणा भी टिकट मांग रहे थे. नरेश मीणा को पार्टी से निकालने की वजह से बड़ा वोटबैंक कांग्रेस से दूरी बना सकता है. जिसकी वजह से यहां पार्टी को झटका भी लग सकता है. इस सीट पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) चीफ हनुमान बेनीवाल ने नरेश मीणा का समर्थन भी किया है.
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हरीश मीणा के सांसद बनने के बाद खाली हुई सीट
देवली-उनियारा सीट कांग्रेस विधायक हरीश चंद्र मीणा के टोंक-सवाई माधोपुर से सांसद बनने के बाद खाली हुई है. कांग्रेस ने इस सीट पर केसी मीणा को चुनावी मैदान में उतारा है. जबकि भाजपा ने पहले विधायक रह चुके राजेंद्र गुर्जर को टिकट दिया है. नरेश मीणा कांग्रेस के बागी के तौर पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.