राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी स्थित सार्वजनिक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी ऑफिस को सीज कर दिया गया है. सरकारी ऑफिस को सीज करने का यह चौंकाने वाला मामला है. यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई है. कोर्ट के इस आदेश के बाद इस सरकारी दफ्तर को सीज कर दिया गया है. दरअसल, मामला 21 साल पुराना है.
जानकारी के मुताबिक, उस समय सड़क निर्माण करने वाली कंपनी का भुगतान न करने पर परिवादी ने मामला दर्ज करवाया था. मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा और 20 दिसंबर को कोर्ट ने अपना आदेश सुनाया. दरअसल, परिवादी विनोद कुमार मोदी के मुताबिक, साल 2002 में लक्ष्मणगढ़ से सालासर जाने वाली सड़क को चौड़ा करने का काम ब्रिज एंटरप्राइजेज जयपुर ने किया था.
काम पूरा होने के बाद पीडब्ल्यूडी ने फर्म को भुगतान नहीं किया. इसके बाद मामला कोर्ट में गया. पहले एडीजे कोर्ट ने इस मामले में भुगतान के आदेश दिए थे और भुगतान नहीं होने पर कार्यालय सीज करने के निर्देश दिए गए थे. कोर्ट के इस आदेश को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक चुनौती दी गई.
भुगतान न होने तक लगा रहेगा ताला
आदेश आने के बाद बुधवार को इस कार्यालय को सीज कर दिया गया और सभी कमरों के ताले लगा दिए. कोर्ट ने भुगतान के बाद ही वापस ताले खोलने के निर्देश दिए हैं. बता दें कि ब्रिज एन्टरप्राइजेज के आबीट्रेशन केस में आबीट्रेटर ने पारित आदेश 2015 की अनुपालना में आज तक बकाया राशि एक करोड़ 77 लाख का भुगतान नहीं किया है. इसी के चलते कोर्ट ने इसी को आधार मानकर सार्वजनिक निर्माण विभाग को यह भुगतान करने का आदेश दिया था. जिसके लिए कोर्ट ने विभाग को भुगतान करने का समय दिया था. लेकिन विभाग ने समय पूरा होने के बावजूद भी भुगतान नहीं किया है.