राजस्थान में बेखौफ बदमाशों ने एक प्राइवेट अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद हवाई फायर कर दहशत फैलाई. यही नहीं, मौके पर बदमाशों को पकड़ने पहुंची पुलिस को भी उल्टे पांव भागना पड़ा. इतना ही नहीं, कैंपर सवार बदमाशों ने अस्पताल से लेकर थाने तक पुलिस जीप का पीछा किया और जब जीप रुकी नहीं तो थाने में घुसकर उसे टक्कर मार कानून व्यवस्था का मखौल उड़ा कर रख दिया. खुद पुलिस बदमाशों के आगे लाचार नजर आई, जिसका फायदा उठाते हुए बदमाशों ने जमकर आधे घंटे तक आंतक मचाया. हालात ऐसे ख़ौफ़नाक बन गए तो तीन थानों की पुलिस बुलाई गई. थाने के बाहर आरएसी के जवान तैनात किए गए.
घटना झुंझुनूं के सुलताना कस्बे की है. जहां जोड़िया रोड स्थित हरनारायण अस्पताल में घुसे बदमाशों ने गाड़ी को इधर-उधर दौड़ाकर दहशत फैलाई और वहां से चले गए. इनके जाने के बाद अस्पताल संचालक नगेश धनखड़ ने पुलिस को सूचना दी.
इस पर सुलताना थाने का स्टाफ मौके पर पहुंचा और पुलिस पूछताछ कर रही थी, उसी दौरान बदमाश फिर से गाड़ी लेकर अस्पताल में घुस गए. लोहे के सरियों से अस्पताल में तोड़फोड़ करने लगे. यहां तक कि बदमाशों ने जो भी बीच में आया उसे पीटा, जिसमें मरीज और अस्पताल कर्मचारी घायल हो गए. यह पूरा घटनाक्रम पुलिस के सामने हुआ.
जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने हवाई फायर शुरू कर दिए और कारों में सवार होकर वहां खड़ी गाड़ियों को टक्कर मारने लगे. तो पुलिस के जवानों के हाथ-पांव फूल गए और वे जान बचाने के लिए अपनी गाड़ी स्टार्ट कर वहां से जाने लगे तो बदमाशों ने उनका पीछा किया.
पुलिसकर्मी जीप को थाने के अंदर ले गए, तब बदमाशों ने थाने के अंदर घुसकर पुलिस जीप को टक्कर मार दी. इस दौरान जीप में सवार पुलिस के जवानों और वहां गेट पर खड़े पुलिसकर्मियों ने अंदर भागकर जान बचाई, लेकिन बदमाशों की गाड़ी फंस गई और उन्हें दबोच लिया गया.
पुलिस ने इस मामले में चार जनों को हिरासत में लिया है. फिलहाल पुलिस ने अनिल जाट,अनुराग दर्जी, दीपक जाट और यादराम जाट को हिरासत में लिया है, जो 'ट्रिपल ए बाबा' ग्रुप के गुर्गे बताए जा रहे हैं.
कांग्रेस ने घेरी बीजेपी सरकार
इस घटना को लेकर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने 'X' पर लिखा, राजस्थान में कानून व्यवस्था की स्थिति दिनोंदिन बदतर होती जा रही है. महिलाएं एवं दलित वर्ग इस उत्पीड़न से सबसे ज्यादा प्रताड़ित हैं. चाहे बाड़मेर में दलित के साथ बर्बर मारपीट का प्रकरण हो या जोधपुर में बालिका के साथ गैंगरेप का प्रदेश में बढ़ते अपराधों से आमजन में भयव्याप्त है. अब पुलिस भी बदमाशों के बढ़ते प्रकोप की पीड़ित बनती जा रही है.
झुंझुनू के सुल्ताना में बदमाशों ने थाने में घुसकर पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करना इसी का प्रतीक है. राज्य सरकार को अब पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगाने की राजनीति खत्म कर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए जिससे आमजन में अपराधियों से भय व्याप्त ना रहे और प्रदेश में अमन-चैन वापस आ सके.''