श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी (Sukhdev Singh Gogamedi) की 5 दिसंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सुखदेव के घर पर ही यह वारदात हुई थी. उस दौरान वहां मौजूद सुखदेव के गार्ड अजीत सिंह (Ajit Singh) और नवीन शेखावत नामक बिजनेसमैन को भी शूटरों ने गोली मारी थी. नवीन की तो उसी समय मौत हो गई थी. जबकि, अजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. लेकिन 7 दिन बाद अजीत भी जिंदगी की जंग हार गए.
उनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. बता दें, अजीत सिंह ही वो शख्स थे जो सुखदेव हत्याकांड के इकलौते चश्मदीद थे. वो उस समय सुखदेव के साथ ही बैठे थे. जैसे ही शूटरों ने फायरिंग करनी शुरू की तो अजीत ने सुखदेव को बचाने की कोशिश की थी. इस दौरान उन्हें भी गोली लग गई थी. उनका सवाई मान सिंह अस्पताल में इलाज चल रहा था. लेकिन मंगलवार देर रात को अजीत सिंह ने भी दम तोड़ दिया.
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) योगेश गोयल ने इस मामले की जानकारी दी है.
बता दें, पुलिस ने इस मामले में दोनों शूटरों और उनके एक साथी को घटना के पांच दिन बाद चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया था. इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा ने रोहित राठौर और नितिन फौजी नामक शूटरों को चुना था. वे दोनों बिजनेसमैन नवीन शेखावत के साथ शादी का कार्ड देने के बहाने 5 दिसंबर को सुखदेव के घर गए. उन्हें साथ बैठे अभी 10 मिनट ही हुए थे कि नितिन और रोहित ने सुखदेव पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया.
गार्ड अजीत ने की थी सुखदेव को बचाने की कोशिश
इस दौरान सुखदेव के गार्ड अजीत सिंह भी वहां मौजूद थे. उन्होंने सुखदेव को बचाने की कोशिश की. लेकिन हमलावरों ने उन पर भी फायरिंग कर दी. यही नहीं, जिस नवीन शेखावत के साथ दोनों शूटर आए थे, उन्होंने उसे भी मार डाला. फिर वहां से फरार हो गए. पता चला है कि नवीन को प्लान की जानकारी तो थी. लेकिन पूरी तरह से नहीं. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. इस मामले में कई और गिरफ्तारियां भी हुई हैं. भौंडसी जेल में बंद जिन तीन कैदियों से नितिन फौजी संपर्क में था उन्हें भी हिरासत में लिया गया है. वहीं, घटना से पहले जिस नितिन फौजी जिस महिला (लेडी डॉन पूजा सैनी) के घर पर ठहरा था उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, उसका पति महेंद्र मेघवाल फरार है. पूजा और उसके पति ने ही नितिन को हथियार भी मुहैया करवाए थे.