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जालोर दलित पिटाई केस: अब परिवार पर भी हुआ जानलेवा हमला, पुलिस ने बताया- पुराना मामला

जालोर के सुराणा में मृतक इन्द्र मेघवाल के पिता देवाराम मेघवाल के परिवार पर हमला हुआ है जिसके बाद घायलों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने इसे पुराना मामला बताते हुए कहा है कि मटके वाले मामले से ये अलग है और जमीन विवाद को लेकर यह हमला किया गया है.

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जालोर में अब पीड़ित के परिवार पर हमला
जालोर में अब पीड़ित के परिवार पर हमला

राजस्थान के जालोर में एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. जालोर के बहुचर्चित सुराणा में मृतक इन्द्र मेघवाल के पिता देवाराम मेघवाल के परिवार पर हमला हुआ. बताया जा रहा है कि पुराने जमीनी विवाद को लेकर उनके परिवार पर यह हमला किया गया है.

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हमले में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए जालोर के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद जालोर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने घायलों से मिलकर उनका बयान लिया. पीड़ित पक्ष की ओर से सायला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है.

रिपोर्ट में पीड़ित मोटाराम मेघवाल ने बताया कि रास्ते में जाते समय डुंगर सिंह और जालम सिंह नामक के दो लोगों ने उनपर हमला कर दिया जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके पैर और सिर में गंभीर चोटें आई है.

जालोर पुलिस ने ट्वीट कर घटना को लेकर बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 307 और SC-ST एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पीड़ित मोटाराम का मेडिकल कराया गया है और एक आरोपी को पकड़ लिया गया है.

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घटना को लेकर जालोर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा,  दो लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है. मैं पीड़ितों से मिला हूं और इसका इन्द्र मेघवाल वाले प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है, यह पुराना मामला है जिसको लेकर हमला हुआ है.

वहीं इस मामले को लेकर देवाराम मेघवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा, 'मुझे जान से मारने की नियत से दो दिन से कुछ लोग रेकी कर रहे थे, मुझे मेरे भाई के जरिये बुला रहे थे और जब मैं नहीं आया तो उन्होंने मेरे भाई पर जानलेवा हमला किया है.' उन्होंने कहा, वो मटकी प्रकरण और थप्पड कांड को लेकर मुझे परेशान कर रहे थे.

जालोर में क्या हुआ था ?

जालोर में 9 साल के एक बच्चे ने जब स्कूल के मटके को पानी पीने के लिए छुआ, तो उसे स्कूल टीचर ने इतना पीटा कि उसकी कान की नस फट गई. बाद में जब उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया तो इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. वहीं स्कूल प्रशासन का दावा है कि किसी भी बच्चे को पानी पीने से नहीं रोका गया था, बल्कि एक झगड़ा हुआ था, जिसके बाद शिक्षक ने हाथ उठाया था.

 

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