जोधपुर में सोमवार रात और ईद के दिन हुई हिंसक झड़प पर राजनीति शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी सीएम गहलोत से इस्तीफा मांग रही है. वहीं कांग्रेस पार्टी का कहना है कि जहां-जहां चुनाव होंगे वहां बीजेपी इस तरह की हिंसा कराएगी. बता दें कि जोधपुर में झंडे और लाउडस्पीकर को लेकर विवाद हुआ था. जिसके बाद वहां पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ हुई.
#WATCH राजस्थान: जोधपुर जालोरी गेट क्षेत्र में भीड़ द्वारा हंगामा के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। pic.twitter.com/ri0hv68PPa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 3, 2022
हिंसा के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल जोधपुर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि राजस्थान की गहलोत सरकार प्रदेश में शांति कायम करने में नाकाम रही है. इसलिए सीएम गहलोत को इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने वहां धरने की धमकी भी दी.
सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी राजस्थान सरकार को निशाने पर लिया. वो बोले कि गहलोत सरकार एक समुदाय को खुश करने की कोशिश करती है. उन्होंने कहा कि राजस्थान को तालिबान बना दिया है और सरकार औरंगजेबी फैसले लेती है. वो बोले कि गहलोत मुख्यमंत्री के साथ गृहमंत्री भी है उनको इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी. राठौर ने कहा कि अगर गहलोत से सत्ता नहीं संभल रही है तो वह पद छोड़ दें.
कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा
दूसरी तरफ रणदीप सुरजेवाला ने हिंसा की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि जहां-जहां चुनाव होंगे वहां इस तरह की हिंसा होती है. वह बोले कि अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कोई हिंसा नहीं होगी और जब चुनाव में एक साल रह जायेंगे तो इस तरह ही हिंसा होगी. सुरजेवाला ने आगे कहा कि बीजेपी का एजेंडा हिंदू और मुसलमान को लड़वाकर प्रांत के भाई-चारे को भंग करना है.
सीएम गहलोत ने क्या कहा?
मामले पर सीएम गहलोत का बयान भी आ गया है. उन्होंने कहा कि जोधपुर में जो कल रात से तनाव पैदा हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है, राजस्थान की परंपरा सभी समाज और धर्मों के लोगों के साथ प्रेम और भाईचारे के साथ रहने की रही है, मैं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं.
सीएम गहलोत ने आगे कहा कि असामाजिक तत्वों से सख़्ती के साथ निपटा जाएगा, मैंने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, मैं राजनीतिक पार्टी के नेताओं से अपील करता हूं वह भी शांति की अपील करें.
जोधपुर में क्या हुआ?
जोधपुर का जालोरी गेट इलाका जो कि मुस्लिम बहुल इलाका है वहां ईद से एक रात पहले ईद का झंडा लगाया गया था. ऐसा वहां बरसों से होता आया है. इसके साथ वहां एक लाउडस्पीकर भी लगा था. फिर वहां कुछ हिंदू संगठन से जुड़े लोग पहुंचते हैं और खींचकर झंडा उतार देते हैं. हिंदू संगठन कहते हैं कि उन्होंने वहां परशुराम जयंती के दिन भगवा झंडा लगाया था.
झंडा उतारे जाने के वीडियो कुछ ही देर में वायरल हो गए थे, जिसके बाद मुस्लिम समाज के लोग भी वहां चौराहे पर पहुंच गए और फिर पत्थरबाजी हुई.
रात को किसी तरह बात संभल गई. लेकिन फिर सुबह हालात बिगड़ गए. यहां स्वतंत्रता सेनानी बाल मुकुंद बिस्सा की मूर्ति के पास भगवा झंडे पर मुस्लिम समाज के लोगों की नजर सुबह तब पड़ती है जब वे नमाज के लिए जुटते हैं. घटना से गुस्साए मुस्लिम समाज के लोगों ने तब पथराव और आगजनी शुरू की थी.