राजस्थान के जोधपुर में 4 साल के बच्चे को किडनैप कर लिया गया था. पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए महज 8 घंटे के अंदर मासूम को ढूंढकर परिवार के हवाले कर दिया. गिरफ्तार युवकों ने पुलिस को बताया कि एक महिला ने उन्हें बच्चा उठाने के लिए रुपये दिए थे, क्योंकि शादी के 11 साल बाद भी उसकी कोई संतान नहीं थी.
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पहले शहर में बच्चे किडनैप करने के लिए रेकी की. फिर फुटपाथ पर 4 साल का बच्चा देखा और मौका देखकर उसे सोमवार देर रात उठा लिया और महिला को सौंप दिया. मंगलवार सुबह पीड़ित परिवार ने देखा कि उनका बच्चा नहीं है. फिर उन्होंने आसपास ढूंढा पर बच्चा कहीं नहीं मिला. पीड़िता परिवार ने तुरतं ही इसकी सूचना पुलिस को दी.
उदयमंदिर थानाधिकारी अमित सियाग ने बताया कि गिरिराज (25) ने सुबह 5:30 बजे थाने में सूचना दी कि उनका चार साल का बेटा प्रदीप रात में साथ में सोया था, सुबह देखा तो वह नहीं मिला. वे रात में पावटा स्थित घूमर होटल के सामने सोए थे. एएसआई सुरेश ने मौका मुआयना कर बच्चे की तलाश शुरू कि तो पता चला कि बच्चे को रात करीब 12:03 बजे दो बाइक सवार बदमाश अगवा कर ले गए हैं.
पुलिस ने इलाके के 1000 हजार से ज्यादा सीसीटीवी देखे और आरोपियों तक पहुंच गई. सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पता चला कि आरोपी बंटी और आकाश रात करीब साढ़े दस बजे बाइक पर सवार होकर निकले थे. आरोपी ऐसे बच्चे की तलाश में थे जो बाहर से आए मजदूर का हो, यदि बच्चे का अपहरण हो जाए तो माता-पिता किसी तरह की शिकायत न कर सकें.
बच्चे के किडनैप के लिए एक महिला ने उन्हें पैसे दिए थे, क्योंकि उसे बच्चे की जरूरत थी. शादी के 11 साल बाद भी उसकी कोई संतान नहीं हो रही थी. पुलिस ने दो युवक और महिला को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं खोए बच्चे मिलने के बाद उसके माता-पिता बेहद खुश हैं.