राजस्थान के कोटा ग्रामीण जिले में बीते 8 फरवरी को एक 16 साल की छात्रा ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी. इसके बाद छात्रा को कस्बे के अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया था. बर्न वार्ड में 17 दिनों तक इलाज के बाद मंगलवार रात उसकी मौत हो गई.
पुलिस को जांच में मालूम हुआ कि लड़की ने यह कदम एक क्लासमेट से मिली धमकियों के कारण उठाया था.छात्रा के परिजनों का आरोप है कि उसकी ही कक्षा में पढ़ने वाला एक नाबालिग लड़का उसे लगातार परेशान कर रहा था.7 फरवरी को उसने छात्रा को धमकी दी थी कि अगर उसने उसके साख शादी से इनकार किया तो वह उसे जान से मार देगा.इसके बाद आरोपी उसके घर भी पहुंचा और डराया धमकाया थी.इसी से आहत होकर छात्रा ने अगले दिन खुद को आग लगा ली.
थाना प्रभारी संदीप विश्नोई ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर 8 फरवरी को मामला दर्ज किया था गया.आरोपी लड़का भी नाबालिग है और दोनों एक ही कक्षा में पढ़ते थे.छात्रा का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है.
सुसाइड करने जा रहे स्टूडेंट को तलाश कर बचा ली जिंदगी
बता दें कि कोटा से बड़ी संख्या में छात्रों की आत्महत्या की खबरें आती हैं. दो दिन पहले पुलिस ने ऐसे ही एक छात्र की किसी तरह से जान बचाई थी. दरअसल, कोटा पुलिस स्टूडेंट सेल के पास शुक्रवार को जयपुर से कॉल आया. कॉलर रोते हुए बोल रहा था- कोटा में मेरा भाई SSC की तैयारी करने के लिए रह रहा है. वह सुसाइड करने पर आमादा है. मेरे पास उसका पता नहीं है और मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा. इसके साथ ही स्टूडेंट्स सेल और महावीर नगर थाने की टीम अलर्ट होती है.
फिर छात्र की आखिरी लोकेशन से पता चला कि वह महावीर नगर विस्तार में है. महावीर नगर विस्तार की दुकानों, थड़ियों और कई घरों में फोटो दिखाते हुए पूछताछ की. इस तरह पुलिस उसके रूम तक पहुंच गई. छात्र की साइकोलॉजिस्ट से काउंसलिंग करवाई. परिजन भी कोटा आ गए थे, जिन्हें छात्र सुपुर्द कर दिया. इस तरह पुलिस की सतर्कता से एक जिंदगी बच गई.