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राजस्थान के कोटा से ठगी का मामला सामने आया हैं. तीन लोगों का ग्रुप फर्जी खुद को आईपीएस अफसर और पुलिसकर्मी बताकर छात्र-छात्राओं से अवैध वसूली किया करता था. पीड़ितों ने इनके खिलाफ थाने में जाकर शिकायत की थी. पुलिस से मामले की जांच की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से आईपीएस अधिकारी और सब इंस्पेक्टर की वर्दी सहित अन्य सामान बरामद किया है.
दरअसल, कोटा पुलिस ने तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है. गुड्डू, शिवा और भुवनेश कुमार खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते थे और फर्जी आईपीएस, सब इंस्पेक्टर बनकर लोगों के साथ ठगी किया करते थे. पीड़ितों ने इसके खिलाफ किशोरपुर पुलिस थाने में शिकायत की थी.
पार्क में मौजूद लोगों को बनाते थे अपना शिकार
पुलिस के मुताबिक, तीनों शहर में मौजूद पार्क में जाया करते थे और वहां पर घूम रहे छात्र-छात्राओं को अपनी शिकार बनाया करते थे. पुलिस की वर्दी पहने छात्र-छात्राओं के पास जाया करते थे. उनके बारे में पूरी जानकारी लेते थे और फिर उनके ब्लेकमेल करते थे. छात्रों से कहते थे कि उन लोगों के परिवार को फोन कर बता दें कि तुम लोग पढ़ाई नहीं कर रहे हो और पार्क में घूम रहे हो.
छात्र-छात्रा से ठगे थे 6 हजार रुपये
कुछ दिनों पहले भी पार्क से लौट रहे छात्र-छात्रा को इन लोगों ने रास्ते में रोक लिया था और फिर अपनी गाड़ी में बिठा कर आरटीओ की तरफ ले गए. इन लोगों ने उनको डराया-धमकाया साथ ही मारपीट भी की. घर पर शिकायत करने की बात कही तो छात्र-छात्रा घबरा गए.
इन लोगों ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की. छात्र इतनी रकम का इंतजाम नहीं कर सके. फिर 4 हजार रुपये ऑनलाइन और दो हजार रुपये केश कुल 6 हजार रुपये दिए, तब जाकर इन तीनों ने छात्र-छात्रा को छोड़ा था.
यूं पकड़े गए फर्जी IPS और SI
घटना के बाद पीड़ितों ने इनकी शिकायत थाने में की थी. साथ ही पुलिस को उनका हुलिया बताया और कार के बारे में भी जानकारी दी थी. गाड़ी के नंबर के आधार पर पुलिस ने इन तीनों को धर-दबोचा. तलाशी लिए जाने पर गाड़ी में से IPS और SI की वर्दी, जूते, बेल्ट और कैप मिली. पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि यह लोग पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं. पहले इन लोगों के खिलाफ किसी ने शिकायत नहीं की थी.