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5000 सापों को पकड़ कर कैसे 'सर्प मित्र' बने मंदिर के महंत, जाने सीताराम बाबा की जुबानी

राजस्थान के भीलवाड़ा में उदय भान गेट राम मंदिर के महंत सीताराम बाबा सर्प मित्र के नाम से जाने जाते हैं. वे पिछले 20 सालों से करीब 5,000 से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में छोड़ चुके हैं. कहा जाता है कि एक बार बाबा नहाने गए थे. इस दौरान उनके और जहरीले सांप के बीच द्वंद युद्ध चला. अंत में उन्होंने सांप को सुरक्षित पानी में जाने दिया.

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सांपों का रेस्क्यू करते सीताराम बाबा.
सांपों का रेस्क्यू करते सीताराम बाबा.

राजस्थान के भीलवाड़ा में एक मंदिर के महंत सीताराम बाबा सर्प मित्र के नाम से जाने जाते हैं. वे पिछले 20 सालों में 5000 से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में छोड़ चुके हैं. सीताराम बाबा शाहपुरा नगर के उदय भान गेट राम मंदिर के महंत हैं.

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महंत सीताराम बाबा ने बताया कि करीब 20 साल पहले वह मांडलगढ़ क्षेत्र की त्रिवेणी नदी में नहाने गए थे. इस दौरान उनकी ओर एक जहरीला सांप बढ़ रहा था. इसके बाद उन्होंने उसे पकड़ लिया. मगर, दोनों के बीच बहुत देर तक द्वंद युद्ध चला और अंत में उन्होंने उसे सुरक्षित पानी में जाने दिया. तब से ही उन्होंने इन सांपों को दुकान, घरों और अन्य जगहों से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ने का काम शुरू कर दिया.

20 सालों में 5000 सांपों का किया रेस्क्यू

महंत सीताराम बाबा ने यह भी बताया कि 20 सालों में अब तक वो 5000 से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं. इसी कारण ही लोग उन्हें सर्प मित्र के नाम से ही जानने लगे हैं. वहीं, शाहपुरा नगर पालिका के पार्षद दुर्गा लाल कहार ने बताया कि अभी बारिश का मौसम चल रहा है, तो सांप जंगलों से निकलकर घरों में घुस जाते हैं.

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सांपों का रेस्क्यू कर बने सर्प मित्र

इसी बीच शुक्रवार को आसींद रोड स्थित एक फॉर्म हाउस के कमरे में एक सांप घुस गया. फिर सर्प मित्र सीताराम बाबा को बुलाकर सांप का रेस्क्यू कराया गया और उसे वापस जंगल में छोड़ा गया. सांपों के रेस्क्यू करने से महंत सीता राम बाबा इस क्षेत्र के सर्प मित्र बन गए हैं.

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