राजस्थान के बारां की POCSO कोर्ट ने एक व्यक्ति को अपनी 13 साल की सौतेली बेटी के साथ अपने घर में बार-बार रेप करने के लिए दोषी ठहराया. इस घटना की वजह से पीड़ित नाबालिग गर्भवती भी हो गई थी. कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. POCSO कोर्ट-2 के लोक अभियोजक हरिनारायण सिंह के अनुसार, विशेष न्यायाधीश सोनिया बेनीवाल की अदालत ने आरोपी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया.
सरकारी वकील ने कहा कि जब लड़की बहुत छोटी थी, तब उसके पिता की मृत्यु हो गई थी. इसके बाद लड़की की मां अपने बेटे और बेटी के साथ केदार सिंह के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी थी. वकील ने कहा कि लड़की की मां की भी मार्च 2022 में मृत्यु हो गई. इसके बाद उसके सौतेले पिता ने उसका यौन शोषण और रेप करना शुरू कर दिया.
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मामा और चाची की मदद से दर्ज कराया केस
उन्होंने कहा कि जब वह तीन महीने की गर्भवती थी, तो उसने अपने मामा और चाची की मदद से 4 फरवरी 2023 को छबड़ा पुलिस स्टेशन में संपर्क किया और केदार सिंह के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया. वकील ने कहा कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (रेप) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया.
प्रारंभिक जांच के बाद केदार सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. उन्होंने कहा कि तब से केदार सिंह न्यायिक हिरासत में जेल में है. पुलिस ने 13 मार्च 2023 को आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया. सरकारी वकील ने बताया कि मुकदमे के दौरान 28 दस्तावेज पेश किए गए थे. मगर, इस मामले में डीएनए रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हुई. नाबालिग के गर्भ में मौजूद भ्रूण का आरोपी से मिलान की पुष्टि होने और 15 गवाहों के बयान दर्ज किए जाने के बाद केदार सिंह को कोर्ट ने दोषी ठहराया.