राजस्थान के जयपुर में दो साल पहले हुई महिला की हत्या के मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि मृतका ने शारीरिक संबंध बनाने का विरोध किया था. जिसके चलते उसकी हत्या कर शव को नग्न अवस्था में जंगल में फेंक दिया था. आरोपियों ने बताया कि वो महिलाओं से वेश्यावृत्ति का काम करवाते थे. इससे पहले गैंग के सदस्य महिलाओं के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाते थे. जो भी इसका विरोध करता उसकी हत्या कर दी जाती.
वेस्ट डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 में एक महिला को पश्चिम बंगाल से वेश्यावृत्ति के लिए जयपुर बुलाया गया था. गैंग के लोगों ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की. जिसका लड़की ने विराध किया तो उसके साथ मारपीट कर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई.
शारीरिक संबंध बनाने से विरोध किया तो कर दी हत्या
हत्या के आरोपी आशाराम स्वामी, राहुल अग्रवाल, सुनिल कुमार उर्फ सोनिया और मनीषा उर्फ कनक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इससे पहले 2019 में भी आरोपी आशाराम स्वामी और राजपाल सिंह द्वारा एक लड़की के साथ मारपीट कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए जाने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिसमें उन्हें जेल भी काटनी पड़ी थी. आशाराम स्वामी, राहुल अग्रवाल और सुनिल कुमार के द्वारा 22 मई 2022 को एक लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे. महिला मनीषा उर्फ कनक ने आरोपियों का सहयोग किया.
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जितनी भी लड़कियों से वो वेश्यावृत्ति करवाते थे उनके साथ हम दोनों जबरदस्ती से शारीरिक संबंध बनाते थे. वहीं लड़की का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और हत्या भी कर देते थे. बीते 02 जून को भी करधनी इलाके के 07 नंबर बस स्टैंड से मंगलम सिटी की तरफ जाने वाले रोड के पास एक अज्ञात महिला का नग्न अवस्था में शव मिला था. उसके चेहरे को धारधार हथियार से वार किया गया था.
हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने सभी लिंक रोड से निकलने वाली गाड़ियों की Entry And Exit डाटा एकत्रित किया. फिर सभी गाड़ियों का Entry And Exit का एवरेज समय निकाला. जिसका समय औसतन से ज्यादा लगा उस पर ध्यान दिया गया. इस तरह से एक ओमनी वैन पहचान कर उसका पीछा किया गया. गाड़ी की गलत नंबर प्लेट की वजह से मालिक का पता नहीं चल पाया.
पुलिस ने महिला समेत चार आरोपियों को किया अरेस्ट
इसके बाद सीसीटीवी के जरिए गाड़ी का पीछा करते हुए संदिग्ध तक पहुंचे और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया. सख्ती से पूछताछ के बाद उन्होंने हत्या की बात को कबूल किया. आरोपियों ने बताया कि मृतका से वेश्यावृत्ति करवाने से पहले शरीरिक संबंध बनाने की जिद की थी. मृतका के विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी थी. हत्या करने के बाद आशाराम स्वामी और राहुल अग्रवाल ने पहचान छुपाने के लिए महिला की डेड बॉडी को गाड़ी में डालकर सुनासान जगह पर फेंककर फरार हो गए थे.