अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह इन दिनों विवादों से घिरी हुई नजर आ रही है. दो दिन पहले दरगाह के खादिम सलमान चिश्ती का भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा को लेकर विवादित बयान सामने आया था. इसके बाद दरगाह की अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती का भी भड़काऊ बयान सामने आया.
पूरे मामले को लेकर दरगाह कमेटी ने इस तरह के बयानों की कड़ी आलोचना की है. दरगाह कमेटी के सद्र सयेद शाहिद हुसैन रिजवी ने एक बयान जारी कर कहा कि इन पर भारतीय कानून के अनुसार कार्यवाही की जाए. दरगाह कमेटी की इस सिफारिश के बाद माना जा रहा है कि अब अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती की मुश्किलें बढ़ सकती है.
अजमेर पुलिस, सरवर चिश्ती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जाच शुरू कर सकती है. बीते दिन सरवर चिश्ती का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें चिश्ती ने कहा था कि अन्याय के खिलाफ मुस्लिम इतना बड़ा आन्दोलन करेंगे कि हिन्दुस्तान हिल जाएगा. साथ ही एक अन्य वीडियो भी वायरल हुआ था.
दरगाह कमेटी के सदर सयेद शाहिद हुसैन रिजवी ने अपने बयान में कहा कि हाल ही कुछ लोग जो अपने आप को चिश्ती लिखते है उन्हें हिंसा और हिंसा को बढ़ावा देने और भड़काऊ बयान देते देखा गया है, यह चिश्ती ट्रेडिशन के खिलाफ है, दरगाह कमेटी इस तरह के भड़काऊ बयान और कृत्य का कड़े शब्दों में आलोचना करती है.
जैसे ही पूरा मामला दरगाह कमेटी के संज्ञान में आया तो तुरंत अथॉरिटी को आदेश दे दिए गए है कि भारत के कानून के अनुसार ऐसे लोगो के खिलाफ एक्शन लिया जाए. दरगाह सुफिजम का पह्वारा है, यहां से सदा ही इंसानी भाईचारा और मोहब्बत का प्रचार हुआ है. अजमेर शरीफ को मानने वाले सिर्फ मुस्लिम ही नहीं है तमाम धर्मों के लोग ख्वाजा साहब को मानने वाले है.
दरगाह कमेटी के सदर सयेद शाहिद हुसैन रिजवी ने अजमेर दरगाह में विश्वास रखने वाले सभी लोगो को विश्वास दिलाया है कि ख्वाजा की शान, इज्जत और चिश्तिया ट्रेडिशन पर आंच नहीं आने दी जाएगी.