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एक फोन कॉल, 3 महीने और 7 करोड़ की ठगी... राजस्थान की महिला से साइबर फ्रॉड की सनसनीखेज कहानी

साइबर क्राइम (cyber fraud) के केस दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं. कभी वर्क फ्रॉम होम तो कभी ई-चालान, लॉटरी या फिर कार्रवाई का डर दिखाकर ठगी की जा रही है. ये ठग अक्सर लोगों से करोड़ों की ठगी कर लेते हैं. राजस्थान की एक महिला से साढ़े सात करोड़ से ज्यादा की ठगी का केस सामने आया है. महिला ने ठगों की डिमांड पूरी करने के लिए 80 लाख रुपये का लोन तक ले लिया.

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राजस्थान की महिला से साढ़े 7 करोड़ की ठगी. (Representational image)
राजस्थान की महिला से साढ़े 7 करोड़ की ठगी. (Representational image)

साइबर ठग ((cyber fraud)) आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं और बड़ी रकम की चपत लगा रहे हैं. दिन पर दिन ऐसे केस तेजी से बढ़ रहे हैं. लोगों को ठगी का पता तब चलता है, जब वे रकम गंवा चुके होते हैं. ताजा मामला राजस्थान के झुंझुनूं का है. यहां एक महिला से थोड़े बहुत नहीं, बल्कि साढ़े सात करोड़ से ज्यादा की ठगी हो गई.

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ये ठगी ईडी (ED) और मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) के नाम पर की गई. ठग महिला को करीब तीन महीने तक ठगते रहे. और तो और जब महिला के पास पैसे खत्म हो गए तो उसने 80 लाख रुपये का लोन लेकर ठगों को पैसे भेजे.

ये पूरी घटना बेहद हैरान कर देने वाली है. पीड़ित महिला पिलानी की रहने वाली है. वह प्राइवेट जॉब करती है. बीते साल अक्टूबर में उसके पास एक कॉल आई, जिस पर महिला से कहा गया कि उसके आधार कार्ड से एक और मोबाइल नंबर जुड़ा है. उस नंबर से अवैधानिक विज्ञापन और उत्पीड़न के मैसेज किए गए हैं.

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इसके बाद कॉल करने वाले ने महिला से कहा कि उसके खिलाफ मुंबई पुलिस (Mumbai Police) एक्शन लेने वाली है. यह बात सुनकर महिला घबरा गई. इसके बाद एक और कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच (Mumbai Police Crime Branch) का हवाला दिया था. 

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इसी बीच एक व्यक्ति ने खुद को मुंबई पुलिस का SI बताया. उसने महिला से कहा कि तुम्हारी मुश्किलें बढ़ गई हैं. तुम्हारा नाम मनी लॉन्ड्रिंग के केस में आया है, जिसमें 20 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था. ये मामला ईडी के पास पहुंच गया है. इतनी बातें बोलने के बाद कॉल करने वाले ने महिला से स्काइप के जरिए ऑनलाइन मीटिंग की बात कही. यह सब बातें सुनकर महिला सन्न रह गई. उसके होश उड़ गए.

महिला ठगों की बातों से डर गई और दबाव में आ गई. इसके बाद ठगों ने महिला को डराना-धमकाना शुरू कर दिया. डर दिखाकर महिला से अक्टूबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक तकरीबन 7 करोड़ 67 लाख रुपये ठग लिए. ये पैसे ठगों ने अपने खाते में ट्रांसफर करवाए थे.

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डरी सहमी महिला पैसे भेजती रही. महिला को अपनी गिरफ्तारी का इतना डर बैठ गया कि उसने जिंदगीभर की कमाई तो दे ही दी, साथ ही साथ बैंकों से लोन तक लेकर 80 लाख रुपये और दे दिए. ठगों ने महिला को मनी लॉन्ड्रिंग का केस सुप्रीम कोर्ट में निपटने और डिजिटल वेरीफिकेशन के बाद पैसा लौटाने की बात भी कही थी.

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इसके लिए उन्होंने 12 फरवरी की तारीख दी थी, लेकिन इसके बाद 15 फरवरी तक महिला का ठगों से कोई संपर्क नहीं हुआ. फिर महिला को जब एहसास हुआ कि वो ठगी जा चुकी है तो उसने पूरी कहानी अपने साथियों को बताई. तब कहीं जाकर मामला पुलिस तक पहुंचा. पुलिस ने महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी.

पूरी घटना को लेकर क्या बोले साइबर थाने के प्रभारी?

साइबर थाना के प्रभारी डीएसपी हरिराम सोनी ने बताया कि महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. इस केस में मुंबई के रहने वाले संदीप राव, आकाश कुलहरि और एक अन्य को आरोपी बनाया गया है. केस दर्ज कराने के बाद पीड़िता न तो किसी से कोई बात कर रही है और न सामने आ रही है.

रिपोर्ट- नैना शेखावत.
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