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1008 शिव आकृतियां, 12 ज्योतिर्लिंग… पाली में बना दुनिया का पहला ॐ आकार वाला मंदिर, Video

पाली शहर से 20 किमी दूरी पर जाडन में एक विशाल इमारत, ॐ का आकार ले रही है. मंदिर को बनाने में 28 साल का समय लगा और अब इसका लोकार्पण 10 फरवरी को होने जा रहा है. इस सृष्टि के रचियता कहे जाने वाले त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु, महेश को 'ॐ' (ओम) का प्रतीक माना जाता है. ओम का निराकार स्वरूप धरती पर पहली बार राजस्थान में साकार हुआ है. 

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मंदिर के लोकार्पण पर देशभर की प्रमुख हस्तियों के अलावा 60 देशों के विदेशी मेहमानों भी रहेंगे मौजूद.
मंदिर के लोकार्पण पर देशभर की प्रमुख हस्तियों के अलावा 60 देशों के विदेशी मेहमानों भी रहेंगे मौजूद.

राजस्थान के पाली जिले की मारवाड़ तहसील के जाडन गांव में ॐ की आकृति वाला शिव मंदिर लगभग बनकर तैयार है. स्वामी महेश्वरानंद ने बताया कि इस मंदिर का अधिकतर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. यह पृथ्वी पर ॐ आकर का पहला मंदिर होगा. ॐ श्री विश्व दीप गुरुकुल स्वामी महेश्वरनंद शिक्षा एवं शोध संस्थान आश्रम में बन रहा है. इसको बनाने के लिए चार साल गहन अध्ययन और शोध किया गया.

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इस मंदिर को बनाने में 28 साल का समय लगा. इसका निर्माण कार्य 23 जनवरी 1995 से चल रहा है. राजस्थान के पाली में बने इस भव्य ॐ मंदिर की लंबाई पूर्व से पश्चिम तक 185 मीटर है और उतर से दक्षिण तक 252 मीटर है. इस मंदिर की ऊंचाई 38.05 मीटर है. गुलाबी पत्थर से बन रहे ॐ मंदिर में प्राचीन शास्त्रोक्त हस्तकला से परिपूर्ण दक्षिण भारतीय नागर शैली और स्थापत्य वास्तुकला की उत्कृष्ट कलाकृति की झलक देखने को मिलेगी. 

देखें वीडियो...

मंदिर का ऐसा है वास्तु 

ॐ मंदिर कगार मंजिला है, जिसका एक मंजिल भूगर्भ में स्थित है. मंदिर में 108 सुंदर नक्काशीदार कमरे बने हुए हैं. मंदिर के मध्य तल में ब्रह्मलीन श्री स्वामी माघवानन्द पुरी जी महाराज की समाधि है, जिस पर सप्तऋषि की मूर्ति स्थापित है. समाधी भवन में 24 अवतारों की चित्रकारी है.

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ॐ मंदिर में मध्य में द्वादश ज्योतिर्लिंग के साथ शिव परिवार स्थापित होगा. गर्भगृह में भगवान शिव की 108 मूर्तियां लगेंगी. मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्फटिक का शिवलिंग स्थापित होगा. चौथी मंजिल में ब्रह्मांड की कल्पना का साकार रूप होगा. मंदिर के अग्रभाग में भव्य सभागार है, जिसमें 108 कुर्सी की क्षमता होगी.

ॐ मंदिर के चंद्र बिंदु को नौ मंजिला कीर्ति स्तभ का रूप दिया गया है, जिसकी ऊंचाई 42 मीटर है. इस कीर्ति स्तंभ में 12 मंदिर और 2. 5 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी बनी हुई है. उस टंकी के ऊपर सूर्य मंदिर स्थापित होगा और इस सूर्य मंदिर के आठ चक्र प्रतीत होंगे. ॐ मंदिर के अर्ध चंद्र को पानी की झील के रूप में दर्शाया जाएगा, जो शीतलता का प्रतीक है.

इस संपूर्ण मंदिर में 2000 स्तंभ है, जो शिल्पकला से अलंकृत हैं. शिव मंदिर में 200 स्तंभ हैं, जिन पर अनेकों देवी देवताओं की मूर्तियां हैं. मंदिर परिसर में कुल 108 कक्ष हैं. मंदिर का शिखर 135 फीट ऊंचा है. खास बात यह है कि आश्रम के निर्माण में धौलपुर का बंसी पहाड़ का पत्थर काम लिया गया है.

10 फरवरी को होगा लोकार्पण 

पाली जिले के जाडन गांव में विश्व के सबसे बड़े एकमात्र ॐ आकार के भगवान शिव मंदिर का लोकार्पण का कार्यक्रम 10 फरवरी को होगा. इस मौके पर देशभर की प्रमुख हस्तियों के अलावा 60 देशों के विदेशी मेहमानों भी मौजूद रहेंगे. यह ऐतिहासिक पल होगा, जो सांस्कृतिक और धार्मिक आदान-प्रदान को अद्वितीय रूप से संजोएगा.

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कार्यक्रम की तैयारियां तेजी से चल रही हैं. उत्साह और उत्सव की बयार पाली में बह रही है. मेहमानों के आगमन की सुविधा के लिए आश्रम परिसर में 100 स्वीट होम तैयार किए गए हैं, जहां मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी. मुख्य समारोह 19 फरवरी को होगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, पूजा-अर्चना और विशेष आकर्षण शामिल होंगे.

यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल के रूप में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत के सांस्कृतिक विरासत को और भी मजबूत करेगा. इसके साथ ही अन्य देशों के साथ भारतीय संस्कृति के एकीकरण को बढ़ावा देगा. ॐ के आकार का यह दुनिया का एकमात्र भव्य मंदिर है, जहां पहाड़ और तालाब भी कृत्रिम बनाए गए हैं. 250 एकड़ में चार मंजिला इमारत और 108 कमरे इस तरह बनाए गए हैं कि ॐ का आकार साकार हो गया है.

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