राजस्थान में टोंक जिले की देवली-उनियारा में एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारने वाले निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को पुलिस ने गुरुवार को उसके गांव में जाकर अरेस्ट कर लिया. गिरफ्तारी के बाद नरेश मीणा को पीपलू पुलिस थाने में रखा गया है.
इस बीच नरेश मीणा की एक तस्वीर सामने आई है जिसमें वह हवालात में नींद लेते हुए देखा जा सकता है. तस्वीर में दिख रहा है कि नरेश मीणा जेल की सलाखों के पीछे बंद है और जमीन पर लेटा हुआ गहरी नींद ले रहा है. गुरुवार को ही पुलिस भारी पुलिस बल के साथ गांव में घुसी थी और नरेश तथा उसके करीब 50 समर्थकों को अरेस्ट कर लिया था.
मीणा के खिलाफ लामबंद हुए राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी
थप्पड़ कांड के खिलाफ 200 अधिकारी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. राजस्थान प्रशासनिक सेवा के ये अधिकारी नरेश मीणा के द्वारा एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारने के खिलाफ कड़े एक्शन की मांग के लिए गए हैं. नरेश मीणा के खिलाफ कुल 23 मुकदमे हैं जिसमें 5 में कारर्वाई होनी शेष है. इसमें वो मुकदमे शामिल नहीं हैं जो थप्पड़ कांड के बाद लगे हुए हैं.
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भारी फोर्स के साथ हुई थी गिरफ्तारी
राजस्थान के टोंक में एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. टोंक के एसपी भारी पुलिस फोर्स के साथ नरेश मीणा को गिरफ्तार करने उसी गांव में पहुंचे थे, जहां मीणा अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे थे. हालांकि इस दौरान नरेश मीणा सरेंडर करने से मना करते रहे थे. वो कह रहे थे कि जबतक उनकी शर्त नहीं मानी जाती तब तक वो सरेंडर नहीं करेंगे, हालांकि पुलिस ने मीडिया के सामने ही नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया.
नरेश मीणा ने एसडीएम पर लगाए ये आरोप
नरेश मीणा ने एसडीएम पर आरोप लगाते हुए कहा था कि गांव के लोग वोटिंग का बहिष्कार कर रहे थे, लेकिन एसडीएम बीजेपी कैंडिडेट को जिताने के लिए वहां फर्जी वोटिंग करा रहे थे. इतना ही नहीं एसडीएम ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, उसके पति और एक टीचर को धमकाया कि अगर वोट नहीं डाला तो उनकी सरकारी नौकरी चली जाएगी.
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मीणा ने कहा कि एसडीएम को थप्पड़ मारने के बाद मैंने मांग की थी कि कलेक्टर यहां आएं, लेकिन कलेक्टर नहीं आईं. वो हाथों में मेहंदी लगाकर बैठी थीं. इसी मांग को लेकर मैं धरने पर बैठा था, लेकिन मेरे लिए खाना और गद्दा आ रहे थे उन्हें भी पुलिस ने नहीं आने दिया और फिर मेरे समर्थकों पर लाठीचार्ज किया गया. मुझ पर मिर्ची बम से हमला किया, जिसमें मैं बेहोश हो गया और फिर मेरे साथी मुझे लेकर पांच किलोमीटर दूर किसी घर में छिपा दिया. मैंने कहा कि एसपी यहां आएं और मेरी गिरफ्तारी करें. लेकिन एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की जाए.