राजस्थान की राजसमंद जिला पुलिस ने पुजारी दंपति को पेट्रोल डालकर जलाने के मामले का 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया. मामले में पुलिस ने आरोपी नरेंद्र सिंह, भंवर सिंह और हरदेव भट्ट को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही 11 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. इनकी पेट्रोल कांड में भूमिका की पुलिस जांच कर रही है.
जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया, "20 नवंबर की रात को देवगढ़ थाना क्षेत्र के NH-8 पर एसआर पेट्रोल पंप के सामने 10-12 नकाबपोश बदमाशों ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी. इस आग में पुजारी नवरतन प्रजापत और उनकी पत्नी जमना देवी बुरी तरह झुलस गई थीं."
उन्होंने आगे बताया, "पीड़ित नवरतन प्रजापत के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी नरेंद्र सिंह ने 20 हजार रुपए देकर बदमाशों को वारदात करने के लिए भेजा था. वह खुद वारदात के समय दूर बैठा था, ताकि यह पता न चल सके कि वह वारदात में शामिल है."
जमीन पर कब्जा करने की नीयत से हमला
पुलिस के मुताबिक, नवरतन प्रजापत देवनारायण मंदिर में काफी समय से पुजारी का काम करता था. इस विवाद से 3 महीने पहले पुजारी नवरतन का आरोपियों का झगड़ा हुआ था. नवरतन को मंदिर से बेदखल करने और जमीन पर कब्जा करने की नीयत से आरोपियों ने पुजारी पर पेट्रोल बम से हमला करवाया था. चीख-पुकार मची, तो उनके बेटे यशपाल ने आकर दोनों पर पानी डाला.
फिर आस-पड़ोस के लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया. इस मामले में गंभीर रूप से झुलसे पुजारी नवरतन प्रजापत का उदयपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहीं, पुलिस ने इस मामले में देवगढ़ थाना अधिकारी शैतान सिंह नाथावत और कामलीघाट चौकी इंचार्ज राजू सिंह की लापरवाही मानते हुए दोनों को सस्पेंड भी कर दिया है.