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उदयपुर में रेलवे ट्रैक उड़ाने की साजिश नाकाम, इस विस्फोटक का हुआ था इस्तेमाल

रविवार की दरम्यानी रात उदयपुर में ओडा ब्रिज पर रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट हुआ था. इस घटना में नया ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है. लोगों ने इसकी सूचना तुरंत रेलवे को दी, जिसकी वजह से बड़ा हादसा टल गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर को अहमदाबाद के असरवा रेलवे स्टेशन से इस ट्रैक पर असरवा-उदयपुर एक्सप्रेस ट्रेन के उद्घाटन को हरी झंडी दिखाई थी.

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रेलवे ट्रैक पर बहाली का काम चल रहा है. मौके से सुपर पवार 90 कैटेगरी का विस्फोटक मिला.
रेलवे ट्रैक पर बहाली का काम चल रहा है. मौके से सुपर पवार 90 कैटेगरी का विस्फोटक मिला.

उदयपुर-अहमदाबाद रेल लाइन पर ब्लास्ट मामले में सरकार से लेकर प्रशासन तक टेंशन में है. घटना के संबंध में बड़ी जानकारी सामने आई है. रेलवे ट्रैक पर पूरी प्लानिंग के साथ ब्लास्ट किया गया था और शुरुआती तौर पर बड़ी घटना को अंजाम देने का शक गहरा रहा है. यही वजह है कि ब्लास्ट में जिस विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया, वो डेटोनेटर सुपर पावर 90 कैटेगरी का है. वहीं, राजस्थान के डीजीपी उमेश मिश्रा का बयान आया है. उन्होंने कहा कि अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. हालांकि घटना गंभीर है. घटना की मंशा का पता लगाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों और राज्य की एटीएस के आईजी विकास कुमार को मौके पर भेजा गया है.

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बता दें कि रविवार की दरम्यानी रात उदयपुर में ओडा ब्रिज पर रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट हुआ था. इस घटना में नया ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है. लोगों ने इसकी सूचना तुरंत रेलवे को दी, जिसकी वजह से बड़ा हादसा टल गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर को अहमदाबाद के असरवा रेलवे स्टेशन से इस ट्रैक पर असरवा-उदयपुर एक्सप्रेस ट्रेन के उद्घाटन को हरी झंडी दिखाई थी. 15 दिन बाद ही बड़ा हादसा होने से हर कोई हैरान है. 

ब्लास्ट में खतरनाक डेटोनेटर का इस्तेमाल

अब सामने आया है कि रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट करने के लिए सुपर पावर 90 कैटेगरी के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था. सुपर पावर 90 पैकेज्ड इमल्शन विस्फोटक है, जो एक मजबूत, हाई स्ट्रेंथ और खतरनाक डेटोनेटर माना जाता है. विस्फोटक के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है. जांच टीमें भी विस्फोटक का एनालिसिस कर रही हैं.

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रेलवे ने कहा- हम जांच कर रहे हैं

घटना के संबंध में उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के CPRO ने कहा- आज सुबह सूचना मिली कि अजमेर संभाग के उदयपुर-हिम्मतनगर खंड में जावर-खरवा चंदा के बीच डेटोनेटर से रेलवे ट्रैक को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया है. एक ट्रेन शॉर्ट टर्मिनेटेड की गई है. इस मामले की जांच चल रही है.

घटना में दो तरह के लोगों के हाथ की संभावना

पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, इस घटना में दो तरह के लोगों के हाथ होने की संभावना है. एक अलग आदिवासी राज्य की मांग करने वाले दक्षिणी राजस्थान के कट्टरपंथी हो सकते हैं. दूसरी संभावना पूरे देश में पीएफआई नेताओं की गिरफ्तारी से नाराज अल्पसंख्यक समुदाय के कट्टर मानसिकता रखने वाले लोग हो सकते हैं. हालांकि, पुलिस के पास इस दावे को साबित करने के लिए ठोस सबूत नहीं हैं. ये सिर्फ एंगल के आधार पर जांच की जा रही है. बताते चलें कि उदयपुर की ओर जा रही ट्रेन में 650 यात्री सफर कर रहे थे. घटना की सूचना मिलने पर ट्रेन को डूंगरपुर में रोक दिया गया था.

डीजीपी ने कार्रवाई के दिए निर्देश 

राजस्थान के पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और मामले में जल्द जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मिश्रा ने बताया कि मामले में रेलवे अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है. केंद्रीय एजेंसियों से भी सहयोग लिया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों से मामले में सजगता से कार्य कर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिये हैं.

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ट्रेन के गुजरने से पहले विस्फोट, समय रहते टला हादसा

बताते चलें कि रविवार को असरवा-उदयपुर एक्सप्रेस ट्रेन के गुजरने से कुछ घंटे पहले यहां रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ है. रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि घटना के कारण ट्रेन को डूंगरपुर में रोक दिया गया. उदयपुर के पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने कहा कि तोड़फोड़ समेत सभी एंगल से जांच की जा रही है. पटरियों को ठीक करने का काम शुरू हो गया है.

ट्रैक पर मिले विस्फोटक, आरोपियों का पता किया जा रहा

ये ब्लास्ट उदयपुर के जवार माइंस थाना क्षेत्र के केवड़ा की नाल के पास हुआ. जवार माइंस थाने के एसएचओ अनिल कुमार विश्नोई ने बताया कि स्थानीय लोगों ने हमें सुबह विस्फोट के बारे में सूचित किया. हमें ट्रैक पर कुछ विस्फोटक मिले हैं. आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर हैं और मामले की जांच कर रहे हैं.

नोएडा के टावर गिराने में लगा था सुपरपावर 90 विस्फोटक

गौरतलब रहे कि नोएडा में 28 अगस्त को सुपरटेक कंपनी के ट्वीन टावर्स को गिराया गया था. इन टावर्स को गिराने में जो विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था, उनमें सुपर पावर 90 कैटेगरी का विस्फोटक भी शामिल था. इंजीनियर्स ने वहां 325 किलोग्राम सुपर पावर 90 कैटेगरी का विस्फोटक लगाया था और देखते ही देखते चंद सेकेंड में ये ट्विन टावर ध्वस्त हो गया था.

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