राजस्थान के झुंझुनूं में मंगलवार रात बड़ा हादसा हो गया. यहां खेतड़ी इलाके में स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) की कोलिहान खदान में लिफ्ट टूट गई. इसके चलते कोलकाता से आई विजिलेंस की टीम समेत कंपनी के 14 अधिकारी अंदर ही फंस गए. हादसे के बाद खदान के आसपास हलचल मच गई. आनन-फानन में इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई.
सूचना मिलती ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है. खदान में फंसे सभी अधिकारियों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मौके पर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम भी बुलाई गई है. बताया जा रहा है कि सभी लोग करीब 1800 फीट गहरी खदान में फंसे हैं, जिन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं.
खदान में 14 अधिकारी रातभर फंसे रहे. वहीं करीब 11 घंटे से रेस्क्यू जारी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक सफलता नहीं मिल सकी. मौके पर बड़ी संख्या में एंबुलेंस और चिकित्सक, प्रशासनिक आधिकारी मौजूद हैं. एसडीआरएफ की टीम की मदद से रेस्क्यू चलाया जा रहा है. आधा दर्जन एंबुलेंस लिफ्ट निकासी के द्वार पर तैनात की गई हैं. बताया जा रहा है कि जल्द ही कुछ लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया जाएगा. 1800 से फीट से अधिक गहराई में अधिकारी फंसे हैं. फंसे हुए लोगों में केसीसी इकाई प्रमुख जीडी गुप्ता भी शामिल हैं. इनके अलावा मुख्य विजिलेंस अधिकारी उपेंद्र पांडे, कोलिहान खदान के उप महाप्रबंधक एके शर्मा, एक पत्रकार विकास पारीक भी इनके साथ फंसे हुए हैं. इनके अलावा एके बैरा, अर्णव भंडारी, यशोराज मीणा, वनेंद्र भंडारी, निरंजन साहू, करणसिंह गहलोत, प्रीतम सिंह, हरसीराम व भागीरथ के फंसे होने की सूचना है.
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार की रात राजस्थान के नीमका थाना क्षेत्र के खतेड़ी में लिफ्ट में खराबी आ जाने से हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की विजलेंस टीम के 14 अधिकारी और सदस्य खदान में फंस गए. कोलिहान खदान में कई सौ मीटर की गहराई में फंसे कर्मियों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब विजिलेंस टीम कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरीक्षण के लिए शाफ्ट के नीचे गई थी. इसके बाद जब वे लिफ्ट के जरिए ऊपर आ रहे थे तो लिफ्ट की एक रस्सी टूट गई, जिसके कारण 14 लोग अंदर ही फंस गए. वहीं सूचना मिलने पर खेतड़ी विधायक धर्मपाल गुर्जर ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.
ताम्र नगरी के नाम से जाना जाता है खतेड़ी
बता दें कि खतेड़ी को ताम्र नगरी भी कहा जाता है. क्षेत्र के अधिकांश लोग खनन से जुड़े हुए हैं. यहां पहाड़ी क्षेत्र होने के चलते खनन और क्रेशर व्यापार प्रमुख है. खेतड़ी कॉपर प्रोजेक्ट में हजारों लोग काम कर रहे हैं. हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की खदान यहां के हजारों लोगों के लिए रोजगार का स्रोत है. इस क्षेत्र ऐतिहासिक महत्व भी है. खेतड़ी को स्वामी विवेकानंद की कर्मभूमि के रूप में जाना जाता है. यहां के राजा अजीत सिंह ने ही नरेंद्र को स्वामी विवेकानंद के रूप में परिचित करवाया था. उन्होंने स्वामी विवेकानंद को विदेश भेजा था.
(नैना शेखावत के इनपुट के साथ)