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Rajasthan: हनुमान पूजा के बाद अब गोभक्त बने CM अशोक गहलोत, बदला ये नियम

राजस्थान में करौली दंगे के बाद वोटों के बंटवारे को लेकर परेशान गहलोत सरकार अब हिंदुत्व के रास्ते पर बीजेपी को टक्कर देने जा रही है. गहलोत ने सरकारी खर्च पर राज्य के सभी जिलों के 550 मंदिरों में हनुमान जयंती पर सुंदर कांड का पाठ कराया था.

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सीएम अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
सीएम अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हनुमान जयंती मनाने के बाद अब लाए गो पालन कानून
  • बेकार है नियम, शहर में कोई नहीं पालता गाय: बीजेपी

राजस्थान में करौली दंगे के बाद वोटों के बंटवारे को लेकर परेशान गहलोत सरकार अब हिंदुत्व के रास्ते पर बीजेपी को टक्कर देने जा रही है. सीएम अशोक गहलोत ने सरकारी खर्च पर हनुमान जयंती मनाने के बाद अब शहरों में सभी लोगों को गाय रखने की इजाजत देने का फैसला किया है. इसके लिए नियम बनाए गए हैं. गहलोत सरकार के गोपालन कानून के तहत अब कोई भी शहर की कॉलोनी में गाय पाल सकता है. पहले गाय शहर से बाहर रखी जाती थीं. 

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मालूम हो कि इससे पहले गहलोत ने सरकारी खर्च पर राज्य के सभी जिलों के 550 मंदिरों में हनुमान जयंती पर सुंदर कांड का पाठ कराया था. हालांकि कांग्रेस का हनुमान जयंती मनाने के लिए सरकार के मंत्री, विधायक के अलावा मंदिरों में कोई नहीं आया था.

1000 रुपये चुकाकर लेना होगा लाइसेंस

नए नियम के तहत राजस्थान के सभी 213 शहरों में लोग अपने घर में गाय पाल सकते हैं. हालांकि एक गाय रखने की इजाजत होगी. उसके लिए उन्हें नगर निगम और नगरपालिका से 1000 रुपये में सलाना लाईसेंस लेना होगा.

100 गज जमीन होना अनिवार्य

गोपालन कानून के तहत गाय रखने वालों को गाय को रास्ते या खुले स्थान पर नहीं बांधना होगा. गाय के लिए सौ वर्ग गज में 200 वर्गफीट तक कवर करना होगा और 250 वर्गफीटओपन रखाना होगा. गाय के मकान के ऊपर कोई कमरा नहीं होगा. 

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गोपालक नहीं बेच सकेंगे दूध-दही

नए नियम के तहत दूध-दही-छाछ बेच नहीं सकेंगे. गोबर दस दिन में इकट्ठा कर नगर निगम सीमा से बाहर ले जाना होगा. गाय मालिक को गाय के कान पर टैग लगाना होगा, जिस पर गाय मालिक का नाम, पता और नंबर लिखा होगा.

10 हजार तक लग सकता है जुर्माना

कानून में जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है. इसके तहत अगर गाय घर से बाहर घूमती मिली तो दस हजार रुपये का जुर्माना होगा. निकाय क्षेत्रों में गाय पालने पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पहले शहरी क्षेत्र में एक भी गाय होती थी तो उठाकर ले जाते थे. लोगों की मांग थी कि कम से कम एक की परमिशन मिले. अब एक गाय पालने पर कोई तंग नहीं कर सकता. यह गो सेवा के लिए बड़ा फैसला है. एक से ज्यादा गाय पालनी है तो अनुमित लेनी होगी.

नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल

नए गोपालन कानून पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि गहलोत सरकार ने गोपालन का ऐसा कानून बनाया, जिसका कोई मतलब नहीं है. वैसे भी सामान्यतया शहर का व्यक्ति गाय नहीं पालता. जिस जगह गाय रखें वह जगह महंगी होती है, वह संभव नहीं है. 
 

 

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