राजस्थान के बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन के खिलाफ जोधपुर के राजीव गांधी नगर पुलिस थाने में महिला ने दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी एसटी एक्ट में केस दर्ज करवाया था. वहीं अब इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने राहत देते हुए आरोपी पूर्व विधायक की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं.
हाईकोर्ट ने पीड़िता की ओर से जान का खतरा बताए जाने पर जोधपुर पुलिस को सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं. अब इस मामले में आगे की सुनवाई 25 जनवरी 2024 को होगी. राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता की कोर्ट में पूर्व विधायक की ओर से अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती दी गई थी.
विधायक के वकील बोले- झूठा है पूरा केस
आरोपी पूर्व विधायक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास बालिया ने पक्ष रखते हुए कहा कि उनके खिलाफ पूरा मामला ही झूठा दर्ज है. इससे पहले दो-तीन एफआईआर दर्ज हुई थी. यहां तक की 5 दिसंबर 2023 को हाईकोर्ट में भी याचिका में पीड़िता के हस्ताक्षर शुदा शपथपत्र की बात भी कही.
उस शपथपत्र में पीड़िता ने कहा कि वह पूर्व विधायक को नहीं जानती है. कोर्ट ने पीड़िता से भी बात की. पीड़िता ने कोर्ट के समक्ष फोटोग्राफ भी पेश किए और कोर्ट को बताया कि उन लोगों से जान का खतरा है. लगातार मुकदमे बाजी और उसके बाद दबाव बनाकर मुकदमे वापस लेने के लिए मजबूर करते हैं.
केस डायरी के साथ पेश हों जांच अधिकारी- कोर्ट
कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद पूर्व विधायक मेवाराम जैन को जांच में सहयोग करने के निर्देश देने के साथ ही गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. पीड़िता ने कहा कि उसके साथ न्याय होना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि न्यायिक बहिष्कार के चलते आपके अधिवक्ता आने पर पूरी सुनवाई की जाएगी.
फिलहाल पुलिस को आपकी सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं. अब इस मामले में 25 जनवरी 2024 को सुनवाई होगी. वहीं, जांच अधिकारी को केस डायरी के साथ कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं.