बीजेपी ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद अब राजस्थान में भी सबको चौंका दिया है. राजस्थान में भी भाजपा ने बड़े-बड़े चेहरों को दरकिनार कर कमान भजन लाल शर्मा को सौंप दी. भाजपा ने राजस्थान में भी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के पैटर्न पर नए चेहरे पर ही दांव खेला. बताते चलें कि भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव खुद वसुंधरा राजे ने रखा था. भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके हाथ में एक पर्ची देखी गई थी. माना गया कि इसी में नए सीएम का नाम लिखा था.
- भजन लाल शर्मा, अटारी गांव के रहने वाले हैं. फिलहाल भरतपुर के राजेन्द्र नगर में रहते हैं.
- बीजेपी जिलाध्यक्ष रहे हैं. इसके अलावा युवा अध्यक्ष भी रहे हैं.
- राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 2003 में बीजेपी के खिलाफ निर्दलीय नदबई से चुनाव लड़े थे और हार गए थे. उससे पहले सरपंच का चुनाव भी लड़े थे और हार गए थे.
- इनके 2 बच्चे हैं, उनमें एक डॉक्टर है जो जयपुर में रहते हैं.
- इसके अलावा प्रदेश महामंत्री भी रहे हैं.
- बिजनेस- ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं.
राजस्थान में आज विधायक दल की बैठक थी. इस बैठक से पहले विधायकों और पर्यवेक्षकों का एक फोटो सेशन भी हुआ. केंद्र ने राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडेय को राजस्थान का पर्यवेक्षक बनाया था. तीनों नेता जयपुर पहुंचे, विधायकों संग फोटो सेशन कराया. इससे पहले राजनाथ सिंह ने वसुंधरा राजे से वन टू वन मीटिंग की थी. उधर, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी राजनाथ से फोन पर बात भी की थी.
किसे सौंपी जाएगी कमान?
इससे पहले भाजपा आलाकमान एमपी और छत्तीसगढ़ में भी इस तरह से फैसला लेकर सबको चौंका चुका है. उसे देखकर राजस्थान को लेकर भी कुछ इसी तरह का अनुमान राजस्थान को लेकर भी जताया जा रहा था कि पार्टी किसी नए व्यक्ति को ही सीएम बनाएगी. हुआ भी ठीक ऐसा ही.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ और एमपी की तरह राजस्थान में भी बीजेपी ने बिना सीएम चेहरे के चुनाव लड़ा था. बीजेपी इन चुनावों में पीएम मोदी के चेहरे पर जमीन पर उतरी. राजस्थान में 200 में से 199 सीटों पर हुई वोटिंग में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की है. पार्टी ने 115 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं, 69 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली.