राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क के भीड़ नाका में बने एनक्लोजर में विगत साढ़े तीन साल से कैद खूंखार टाइगर टी 104 की रणथंभौर से विदाई हो गई है. यह टाइगर तीन लोगों की जान ले चुका है. एनटीसीए से अनुमति मिलने के बाद वन विभाग ने टाइगर टी 104 को उदयपुर के सज्जनगढ़ बॉयलॉजिकल पार्क भेज दिया.
टाइगर टी 104 को शिफ्ट करने के लिए वन विभाग की टीम रणथंभौर के भीड़ नाका स्थित एनक्लोजर पर पहुंची और टाइगर की ट्रैकिंग शुरू की. टीम ने टाइगर को ट्रैंक्युलाइज किया और इसके बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. ट्रैंक्युलाइज करने के बाद रणथंभौर व उदयपुर की वेटरनरी डॉक्टर्स की टीम ने टाइगर का स्वास्थ्य परीक्षण किया. स्वास्थ्य परीक्षण के बाद टाइगर टी 104 को पिंजरे में शिफ्ट कर दिया गया.
वन विभाग की टीम ने गर्मी के मौसम को देखते हुए टाइगर के पिंजरे में बर्फ की सिल्लियां भी लगाईं. टीम सड़क मार्ग से टाइगर को उदयपुर के सज्जनगढ़ बायलॉजिकल पार्क के लिए लेकर रवाना हो गई.
इस दौरान रणथंभौर टाइगर रिजर्व के सीसीएफ सेडूराम यादव, डीएफओ मोहित गुप्ता, रेंजर रामखिलाड़ी मीणा, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के डीएफओ संजीव शर्मा, रणथंभौर के वेटरनरी ऑफिसर डॉ. सीपी मीणा, डॉ. राजीव गर्ग, रेस्क्यू टीम प्रभारी राजवीर सिंह सहित कई वनकर्मी मौजूद रहे.
इससे पहले उस्ताद टी 24 को भी किया गया था शिफ्ट
रणथंभौर से टाइगर शिफ्टिंग के बारे में वन विभाग ने कोई जानकारी साझा नहीं की. इस दौरान वन विभाग ने मीडिया को किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं दी. जंगल के रास्ते टाइगर को सवाई माधोपुर से बाहर निकाला गया. रणथंभौर का टाइगर टी 104 अब उदयपुर के सज्जनगढ़ में रहेगा. इससे पूर्व रणथंभौर के उस्ताद टी 24 को भी सज्जनगढ़ शिफ्ट किया गया था.
वाइल्डलाइफ से जुड़े यादवेंद्र का कहना है कि रणथंभौर में जिस एनक्लोजर में टाइगर टी 104 कैद था, वह कमजोर था, वहां मेल टाइगर की संख्या भी बढ़ चुकी है. पूर्व में ये टाइगर तीन लोगों की जान ले चुका है. इस वजह से उसे सज्जनगढ़ शिफ्ट कर दिया गया है. वहां भी इसे एनक्लोजर में रखा जाएगा.
(रिपोर्टः सुनील जोशी)