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राशन डीलरों का प्रदर्शन, एक अगस्त से राशन वितरण व्यवस्था बंद करने की चेतावनी

राशन डीलरों ने बताया कि राशन विक्रेता को प्रतिमाह 30 हजार रुपये मानदेय निश्चित किया जाए. गेहूं पर 2 प्रतिशत छीजत दी जाए और पिछले 5-6 माह से राशन विक्रेता का केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा दिया गया कमीशन भी प्राप्त नहीं हुआ है

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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

राजस्थान के करौली में जिले के राशन डीलरों ने 4 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर और रसद अधिकारी को अलग-अलग ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन सौंप कर चार सूत्रीय मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई है. मांग पूरी नहीं होने पर 1 अगस्त से दुकान बंद रख कर राशन वितरण व्यवस्था बंद करने की चेतावनी दी है.

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राशन डीलर अध्यक्ष अभिमन्यु कौशिक ने बताया कि पहले भी राशन डीलरों ने मुख्यमंत्री के नाम कई बार मांग पत्र सौंपा है, परंतु न तो सरकार ने और न ही खाद्य विभाग के अधिकारियों ने उनकी उक्त मांगों पर कोई संज्ञान नहीं लिया. 

राशन डीलरों ने बताया कि राशन विक्रेता को प्रतिमाह 30,000 रुपये मानदेय निश्चित किया जाए. गेहूं पर 2 प्रतिशत छीजत दी जाए और पिछले 5-6 माह से राशन विक्रेता का केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा दिया गया कमीशन भी प्राप्त नहीं हुआ है, जिससे तुरंत दिया जाए. आधार सीडिंग की राशि, प्रदासी योजना के तहत वितरण कराये गये गेहूं का कमीशन व ई केवाईसी का सीडिंग का मेहताना भी देने की मांग की. 

उन्होंने कहा कि सरकार की मनमानी के चलते राशन विक्रेता की स्थिति काफी दयनीय हो गई है. पिछली काफी समय से कमीशन का भुगतान नहीं होने कारण आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ रहा है. ज्ञापन देने वालों में जमनालाल जाटव, देवेंद्र, फूलसिंह सहित जिले भर के सभी राशन डीलर मौजूद रहे. 

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