राजस्थान के नागौर में रास्ते के विवाद में एक परिवार को गांव के पंचों ने तुगलकी फरमान जारी कर दिया. फरमान में कहा गया कि जो भी शख्स उसके परिवार से मिलेगा, तो उसे समाज में बैठने के लिए 51 हजार रुपए का अर्थदंड देना होगा. इस तुगलकी फरमान का वीडियो भी आरोपियों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. फिलहाल, पीड़ित परिवार जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित से न्याय की गुहार लगाई है.
मामला रोल थाना इलाके के छावटा खुर्द गांव का है. पीड़ित रिद्धकरण ने बताया कि मेरे खेत में आरोपी जबरदस्ती रास्ता देने के लिए दबाव बना रहा था. मैंने रास्ता देने से इनकार किया, तो आरोपी ने कोर्ट में एप्लीकेशन दे दी. इसके बाद तहसीलदार और आरआई मौके पर पहुंचे, लेकिन फिर मैंने मना कर दिया. इसके बाद हमने थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी.
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'गांव के पंचों ने बंद किया हुका पानी'
इसके बाद आरोपियों ने गांव में पंचायत बुलाई और पंचायत में कहा कि मुकदमा वापस ले लो और राजीनामा कर ले. जब मैंने राजीनामा करने से इनकार किया, तो गांव के पंचों ने मिलकर मेरा हुका पानी भी बंद कर दिया और गांव के चौराहे पर समाज से बहिष्कृत करने का फरमान जारी करवा दिया. उनलोगों ने कहा जो मेरे परिवार से बात करेगा उसको सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाएगा.
मामले में SP ने कही ये बात
जिला पुलिस अधीक्षक नारायण सिंह ने बताया कि मेरे सामने मामला पहुंचा है और मैने आरोपियों को पाबंद करवाने के निर्देश दे दिए है. इस फरमान का वीडियो भी सामने आया है. फरमान जारी कर रहे शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और जांच की जा रही है. ऐसा फरमान जारी करने का किसी को कोई अधिकार नहीं है. पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाएगा. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.