राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राइट टू हेल्थ (RTH) बिल को लेकर डॉक्टरों की हड़ताल पर गंभीरता दिखाते हुए उच्च स्तरीय बैठक के लिए दिल्ली से जयपुर लौट आए हैं. जयपुर लौटते ही सीएम ने चिकित्सा मंत्री व उच्च अधिकारियों के साथ बैठक शुरू कर दी है. उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने राजस्थान सरकार द्वारा RTH बिल के खिलाफ 27 मार्च को काला दिवस आयोजित करने का फैसला किया है.
अशोक गहलोत ने RTH बिल को लेकर मुख्य सचिव को डॉक्टरों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं. मुख्य सचिव एवं अन्य उच्च अधिकारी डॉक्टरों के साथ बैठक करेंगे. सीएम ने डॉक्टरों से अपील की है वे हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आएं. उन्होंने कहा कि राइट टू हेल्थ में डॉक्टरों के हितों का पूरा ख्याल रखा गया है. डॉक्टरों की मांगों को मानकर ही RTH बिल लाया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों का हड़ताल पर जाना उचित नहीं है.
गौरतलब है कि राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल चल रही है. इमरजेंसी सर्विस बंद चल रही हैं. पिछले कुछ दिनों से राजस्थान के कई अस्पतालों से डराने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. जिसमें मरीज इलाज के लिए अस्पतालों में भटकते नजर आ रहे हैं.
राइट टू हेल्थ RTH बिल के खिलाफ निजी डॉक्टर्स का प्रदेश स्तर पर आंदोलन लगातार जारी है. निजी अस्पतालों के बंद के चलते सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का बोझ बढ़ गया है. इस बीच चिकित्सा मंत्री ने आंदोलनकारी चिकित्सकों पर राजनीति करने का आरोप लगाया है तो निजी डॉक्टर्स ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.