राजस्थान के उदयपुर में हुई एक टेलर की नृशंस हत्या ने सभी को चौंका दिया है. टेलर की हत्या के बाद हत्यारों ने ऑनलाइन वीडियो भी शेयर किया. इसमें वे कह रहे हैं कि उन्होंने इस्लाम का बदला लेने के लिए ये कदम उठाया. उधर, इस हत्याकांड के बाद उदयपुर में हिंसा के भी कुछ मामले सामने आए. इसके बाद कर्फ्यू लगा दिया गया. बताया जा रहा है कि टेलर कन्हैयालाल ने 15 जून को पुलिस को पत्र लिखकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी और सुरक्षा मांगी थी. हालांकि, पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. ऐसे में अब पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं. अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो यह घटना न होती.
कन्हैयालाल ने 15 जून को पुलिस को दिए शिकायत पत्र में लिखा था कि 5-6 दिन पहले मोबाइल पर इंटरनेट के जरिए उनके बेटे से गेम खेलते वक्त आपत्तिजनक पोस्ट हो गई थी. लेकिन दो दिन बाद कुछ लोग उनके दुकान पर आए और मोबाइल से आपत्तिजनक पोस्ट के बारे में जानकारी दी. इसके बाद मैंने पोस्ट डिलीट कर दी. कन्हैयालाल ने आगे लिखा, मेरे खिलाफ 11 जून को मेरे पड़ोसी द्वारा मामला दर्ज कराया गया.
पुलिस से मांगी थी सुरक्षा
कन्हैयालाल ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि नाजिम और उसके साथ 5 लोग उसकी दुकान की रेकी कर रहे हैं. मुझे दुकान नहीं खोलने दे रहे हैं. मेरी दुकान खुलते ही ये लोग मुझे जान से मारने की कोशिश करेंगे. नाजिम ने मेरा फोटो समाजग्रुप में वायरल कर दिया है. सबसे कह दिया है कि ये व्यक्ति अगर कहीं दिखे या दुकान पर आए तो जान से मार देना. ये लोग दबाव बना रहे हैं कि अगर मैंने दुकान खोली, तो मुझे जान से मार दिया जाएगा. इतना ही नहीं कन्हैयालाल ने नाजिम समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी. साथ ही सुरक्षा मांगी थी.
पुलिस ने कराया था समझौता
उधर, पुलिस का दावा है कि कन्हैयालाल की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों का समझौता करा दिया था. हालांकि, इसके बावजूद आरोपी कपड़े सिलवाने के बहाने कन्हैयालाल की दुकान में पहुंचे और वहां उनकी हत्या कर दी. उदयपुर में भूतमहल के पास कन्हैया लाल की सुप्रीम टेलर्स नाम से दुकान है. कन्हैया लाल गोर्वधन विलास इलाके का रहने वाले थे.
उदयपुर मामले में अब तक के बड़े अपडेट्स?
- पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
- उदयपुर में कर्फ्यू लगा दिया गया है. इंटरनेट बंद है.
- पूरे राजस्थान में 1 महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है.
- धानमंडी थाने के ASI भंवरलाल सस्पेंड कर दिए गए हैं. ASI भंवरलाल ने ही कन्हैया और आरोपियों का समझौता कराया था.
- मृतक के परिजनों को 31 लाख के मुआवजे की घोषणा की गई है.
- सरकार परिवार के दो सदस्यों को संविदा पर नौकरी देगी.