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रसोई में बैठा था टाइगर, घर में मचा हड़कंप... सरिस्का अभयारण्य की टीम तीन दिन में कर सकी ट्रेंक्युलाइज

राजस्थान के अलवर में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक घर में उस समय हड़कंप मच गया, जब घरवालों को पता चला कि किचन में बाघ बैठा हुआ है. दरअसल, सरिस्का बाघ अभयारण्य से यह बाघ निकलकर गांव पहुंच गया था. उसे तीन दिन की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेंक्युलाइज किया जा सका. इसके बाद बाघ को रेडियो कॉलर लगाकर सरिस्का के एनक्लोजर में छोड़ा गया है.

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रसोई में घुसकर बैठ गया था टाइगर. (Photo: Aajtak)
रसोई में घुसकर बैठ गया था टाइगर. (Photo: Aajtak)

सरिस्का अभयारण्य से निकला बाघ तीन दिन बाद ट्रेंक्युलाइज किया गया. अलवर के रेणी स्थित चिलकाबास गांव के रहने वाले रामदयाल के घर में किचन में टाइगर बैठा हुआ था. सरिस्का की टीम ने कार में बैठकर टाइगर पर निशाना लगाया और उसे बेहोश कर रेस्क्यू किया. बाघ को रेडियो कॉलर लगाकर सरिस्का स्थित एनक्लोजर में छोड़ा गया है. बाघ एग्रेसिव हो रहा है, उस पर नजर रखी जाएगी. बाघ तीन दिन में पांच लोगों पर हमला कर चुका है.

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जानकारी के अनुसार, सरिस्का के अकबरपुर रेंज से निकला युवा टाइगर ST2402 तीन दिन बाद पकड़ा जा सका. एक जनवरी को टाइगर दौसा जिले के बांदीकुई स्थित महुखुर्द गांव में देखा गया. वहां टाइगर ने तीन लोगों पर हमला किया.

रसोई में बैठा था टाइगर, घर में मचा हड़कंप... वन टीम तीन दिन में कर सकी ट्रैंक्युलाइज

इसके बाद बाघ को ट्रैक्युलाइज करने की कोशिश में लगे वन कर्मियों पर हमला कर दिया. इस हमले में वनकर्मी बाल-बाल बच गए. इसी बीच बाघ दौड़ता हुआ वापस अलवर की तरफ आया और रेणी के चिल्काबास गांव में रामदयाल के मकान में घुस गया. टाइगर घर की किचन में जाकर बैठ गया. मामले की जानकारी मिलते ही सरिस्का में वन विभाग की मौके पर पहुंची.

यह भी पढ़ें: झाड़ियों में छिपे बाघ ने महिला पर बोला हमला, बचाने गए दो लोगों को भी कर दिया घायल

सरिस्का के डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने बताया कि सरिस्का और रणथंभौर की टीम लगातार बाघ को ट्रेंक्युलाइज करने का प्रयास कर रही थी. गुरुवार को सफलता नहीं मिली. इस दौरान बाघ ने वन विभाग की टीम पर अटैक किया.

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शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि टाइगर एक घर में छिपा है. अभयारण्य की टीम जिप्सी में सवार हुई और कुछ देर ऑब्जर्व करने के बाद टाइगर को ट्रेंक्युलाइज किया गया. इसके बाद राजगढ़ स्थित लव कुश वाटिका लाया गया. वहां उसके रेडियो कॉलर लगाया गया और फिर टाइगर को सरिस्का के जंगल में स्थित एंक्लोजर में छोड़ा गया है.

रसोई में बैठा था टाइगर, घर में मचा हड़कंप... वन टीम तीन दिन में कर सकी ट्रैंक्युलाइज

डीएफओ ने कहा कि बाघ की मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी. अभी बाघ को एनक्लोजर में छोड़ने के आदेश मिले हैं. बाघ एग्रेसिव हो रहा था. लगातार दूसरी बार बाघ जंगल से बाहर निकाला है. इससे पहले भी एक बार यह बांदीकुई पहुंच चुका है, लेकिन वापस लौटकर सरिस्का आ गया था. बाघ की मूवमेंट के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा कि बाघ को कहां शिफ्ट करना है.

बांदीकुई में बाघ ने तीन लोगों पर हमला कर उनको घायल कर दिया था. इनमें एक की हालत गंभीर है. बाघ एग्रेसिव होकर वन विभाग की गाड़ी पर चढ़ गया. इस दौरान दो वन कर्मियों पर उसने झपट्टा मारा, दोनों वनकर्मी बाल-बाल बच गए. तीन दिन तक बाघ गांव में घूमता रहा. इस दौरान लोग दहशत में रहे. डर से घरों से नहीं निकले. वन विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा.

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सरिस्का के बाघ जंगल से बाहर निकल रहे हैं. सरिस्का से एक बाघ हरियाणा पहुंच गया था. उसे ट्रेंक्युलाइज करके विषधारी टाइगर रिजर्व भेजा गया. सरिस्का का युवा टाइगर ST13 कई साल से मिसिंग है. एक बाघ 2 साल से जयपुर के जमवारामगढ़ के जंगल में रह रहा है.

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