राजस्थान सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत गुरुवार को ईडी के सामने पेश नहीं हुए. अब उन्होंने ईडी को पत्र लिखकर थोड़ा वक्त मांगा है. बता दें कि ईडी ने विदेशी मुद्रा कानून के कथित उल्लंघन से संबंधित मामले में पूछताछ के लिए वैभव को समन भेजा था.
अब गहलोत ने प्रवर्तन निदेशालय से वक्त मांगा है. इसमें विधानसभा चुनाव का हवाला दिया गया है. वैभव ने पत्र में लिखा कि राजस्थान में 25 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में उनको पूछताछ में शामिल होने से फिलहाल छूट दी जाए.
इससे पहले वैभव गहलोत 30 अक्टूबर को ईडी के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए थे. तब वैभव से 8 घंटे पूछताछ हुई थी. इसके बाद वैभव को 16 नवंबर को दिल्ली दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया था.
वैभव ने ईडी के समन को लेकर कहा था कि एजेंसी उनके खिलाफ 10-12 साल पुराने झूठे आरोप लगा रही है और वह भी चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद.
जानें क्या है पूरा मामला
ईडी ने सितंबर में कहा था कि ट्राइटन होटल एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और प्रमोटर शिव शंकर शर्मा और रतन कांत शर्मा के खिलाफ फेमा के तहत जांच शुरू की गई थी. रतन शर्मा वैभव गहलोत के बिजनेस पार्टनर बताए जाते हैं.
ईडी के मुताबिक, साल 2011 में होटल के 2500 शेयर खरीदकर मॉरीशस स्थित फर्म से ट्राइटन होटल्स को फंड डायवर्ट किया गया था. उस वक्त 39,900 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से खरीदे गए थे, जबकि उस समय शेयर की कीमत 100 रुपये थी.
ईडी का कहना है कि इस FDI को फेमा प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कई बार संशोधित किया गया. ईडी ने दावा किया है कि टाइटन समूह बहुत बड़े हवाला लेनदेन में शामिल रहा है. ईडी ने सितंबर में छापेमारी भी की थी. इस दौरान एजेंसी ने 1 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद, डिजिटल सबूत और कई दस्तावेज बरामद किए थे. इन दस्तावेज में ट्राइटन ग्रुप के खातों द्वारा बड़े पैमाने पर लेनदेन का पता चला था. ईडी के मुताबिक, मिले पैसों का होटल में निवेश किया गया था.