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मेले में स्टॉल लगाने वाली युवती ने अपना नाम बताया 'टीना डाबी'; तो खिलखिलाकर हंस पड़े सीनियर IAS, बोले- कलेक्टर मैडम और आपका नाम सेम

IAS Tina Dabi: महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव महेंद्र सोनी बाड़मेर में हाट मेले का अवलोकन करने के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान आईएएस अफसर ने चलते-चलते एक स्टॉल पर खड़ी युवती से उसका नाम पूछ लिया. युवती ने अपना नाम बताया- 'टीना डाबी.'

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युवती का नाम सुनते ही हंस पड़े अफसर. (इनसेट में IAS टीना डाबी)
युवती का नाम सुनते ही हंस पड़े अफसर. (इनसेट में IAS टीना डाबी)

राजस्थान के बाड़मेर में लगे अमृता हाट मेले में एक अनोखा वाकया सामने आया. मेले के अवलोकन के दौरान सरकार के सचिव महेंद्र सोनी ने स्टॉल पर खड़ी युवती से नाम पूछा तो उसने अपना नाम टीना डाबी बताया. यह सुनकर सभी अधिकारियों के बीच हंसी का फव्वारा फूट पड़ा. इसकी वजह है कि यह नाम जिला कलेक्टर का भी है.   

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दरअसल, राज्य में 1 से 5 जनवरी तक महिला एवं बाल विकास विभाग ने अमृता हाट मेलों का आयोजन करवाया है. पांच दिवसीय अमृता हाट मेलों में प्रदेश के तमाम जिलों से महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों की ओर से अपने अपने उत्पादों की स्टॉल्स लगाई गई हैं. यह आयोजन बाड़मेर में भी महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय स्टेशन रोड पर किया गया है. 

महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव और सीनियर आईएएस अधिकारी महेन्द्र सोनी बाड़मेर में इसी हाट मेले का अवलोकन करने के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान आईएएस अफसर ने चलते-चलते एक बैग्स और पर्स के स्टॉल पर खड़ी युवती से उसका नाम पूछ लिया. युवती ने अपना नाम 'टीना डाबी' बताया. 

चौंकते हुए सचिव सोनी ने दोबारा नाम पूछा, तब फिर युवती ने वही दोहराया. इसी बीच पास महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक प्रहलाद सिंह राजपुरोहित, जिला एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत और एसडीएम वीरमाराम सहित सभी लोग हंस पड़े. 

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अपना नाम बताने पर अफसरों को हंसता देख युवती हतप्रभ-सी रह गई और बोली टीना मेरा नाम है और डाबी गोत्र है. तब उपनिदेशक प्रहलाद सिंह ने बात संभाली और कहा, कलेक्टर मैडम का नाम भी टीना डाबी है, इसलिए ऐसा हो गया. इसमें कुछ गलत नहीं है. नाम रखना अधिकार है आपका...''

महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव महेन्द्र सोनी ने अवलोकन करते हुए कहा कि महिलाओं की ओर से हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय निवासियों से महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार उत्पादों की खरीददारी करने की अपील की। 

अमृता हाट मेलों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं हस्तनिर्मित उत्पाद जैसे आचार, मुरब्बा, आम पापड़, श्रृंगार का सामान, मीनाकारी, साड़ियां, सूट, पूजा का सामान, घर की साज-सज्जा का सामान, मार्बल की मूर्तियां, जूट का सामान समेत शुद्ध देशी गुणवत्ता वाला गुड़ बिक्री के लिए लाई हैं. 

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