अजमेर दरगाह के दीवान नसीरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ बिल का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि दरगाहों का विकास पिछले 50 सालों में नहीं हुआ है. चिश्ती ने कहा, 'दरगाहों से दीन फैलाएं, दरगाहों से मोहम्मद अमन का पैगाम जाता है.' उन्होंने बिल का विरोध करने वालों पर भी टिप्पणी की और कहा कि यह उनका राजनीतिक विरोध है.