शिव के अवतारों में जिस तरह के स्वरूपों का वर्णन होता है उसमें कहीं भी किसी बड़े घराने या राजपरिवार से जुड़ाव का जिक्र नहीं है, बल्कि वह सारे अवतार जनजातियों से ही जुड़े हुए हैं. इनमें सबसे प्रमुख है, शिव का किरात अवतार. महाकवि भारवि ने संस्कृत साहित्य में इसी अवतार को लेकर 'किरातार्जुनीयम' लिख दिया है.
जिस तरह भगवान विष्णु के दशावतार सबसे अधिक चर्चा में रहते हैं, उसी तरह संसार के कल्याण के लिए खुद महादेव ने भी अलग-अलग समय पर कई अवतार लिए हैं. शिवपुराण में उनके 19 अवतारों का वर्णन है. शिवजी के कई अवतार ऐसे हैं, जो उन्होंने विष्णु के दशावतार के दौरान उनके कार्यों में सहयोग के लिए लिया था.
इस बार महाशिवरात्रि पर पूरे दिन रहेगा भद्रा का साया. ऐसे में जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और जल चढ़ाने का शुभ समय
जो अभी तक कुंभ में नहीं जा पाए हैं, और कल्पवास नहीं कर सके हैं, वह संगम तट पर शिवरात्रि का स्नान करके व्रत रखते हुए कल्पवास कर सकते हैं. इसके लिए एक दिन पहले ही त्रयोदशी तिथि के दिन केवल एक समय ही भोजन ग्रहण करें. फिर शिवरात्रि के दिन, घाट पर पहुंचकर स्नान करें और फिर यहां व्रत का संकल्प लेना चाहिए.
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के समापन में महज दो दिन बचे हैं. महाकुंभ का आज 44वां दिन है. 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान के साथ ही 13 जनवरी से शुरू हुए आस्था के इस पर्व का समापन हो जाएगा. अबतक 63 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. आइए जानते हैं आखिरी अमृत स्नान के लिए क्या-क्या तैयारियां हैं...
महाकुंभ 2024 में, प्रयागराज के संगम में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बना है. अब तक 63 करोड़ से अधिक लोगों ने पवित्र स्नान किया है. यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, खासकर महाशिवरात्री के पावन स्नान से पहले. पिछले पांच दिनों में हर दिन 1 करोड़ से अधिक भक्त यहां आ रहे हैं.
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में 25 से 27 फरवरी तक वीआईपी दर्शन की सुविधा नहीं मिलेगी. महाशिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने ये फैसला लिया है.
Vijaya Ekadashi 2025: विजया एकादशी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व एवं व्रत है, जिसे फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है. इस व्रत को विशेष रूप से पापों से मुक्ति और विजय प्राप्त करने के लिए किया जाता है.
Mahashivratri 2025 date: महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी. इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा का संयोग भी बनने वाला है. ऐसे में भोलेनाथ के भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाने की शुभ घड़ी को लेकर चिंतित हैं.
प्रयागराज महाकुंभ में अब 8 दिन शेष हैं. लेकिन महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम नहीं हो रही है. लगातार लाखों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए संगम पहुंच रहे हैं. अब तक साढ़े 53 करोड़ से ज्यादा लोग महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं. अब भी यहां श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है.
Maha Shivratri 2025: इस बार महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी. यह दिन भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए सबसे खास माना जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है.
Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2025: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी तिथि पर पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-पाठ करने और व्रत रखने से भक्तों पर भगवान गणेश की विशेष कृपा बनती है. हिंदू धर्म में फाल्गुन माह की चतुर्थी तिथि को बेहद शुभ माना जाता है, इस दिन भगवान गणेश के 32 रुपों में से उनके छठे स्वरूप की पूजा की जाती है.
Falgun Month 2025: फाल्गुन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है. फाल्गुन का महीना पर्व-त्योहारों के लिहाज से भी बहुत खास माना जाता है. इस महीने होली, महाशिवरात्रि और आमलकी एकादशी जैसे कई प्रमुख त्योहार आने वाले हैं.
Falgun Month 2025: फाल्गुन का महीना हिन्दू पंचांग का अंतिम महिना होता है. इस महीने की पूर्णिमा को फाल्गुनी नक्षत्र होने के कारण इसका नाम फाल्गुन पड़ा है. इसे को आनंद और उल्लास का महीना कहा जाता है.
संत रविदास निर्गुण संप्रदाय यानी संत परंपरा में एक चमकते नेतृत्वकर्ता और प्रसिद्ध व्यक्ति थे. उत्तर भारतीय भक्ति आंदोलन को नेतृत्व देते थे. संत रविदास ने अपने आध्यात्मिक और सामाजिक संदेशों के जरिए समाज में जागरुकता फैलाने का काम किया था.
माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति हो जाती है. साथ ही, माघी पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्नान के बाद दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है.
Magh Purnima 2025: हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ माह में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा कहते हैं. धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है. इस तिथि पर स्नान, दान और जप को बहुत पुण्य फलदायी बताया गया है. इस बार माघ पूर्णिमा 12 फरवरी, बुधवार को मनाई जाएगी.
Jaya Ekadashi 2025: जया एकादशी तिथि का आरंभ 7 फरवरी को रात 09 बजकर 26 मिनट पर होगा. जबकि इसका समापन 8 फरवरी को रात 08 बजकर 14 मिनट पर होगा. उदया तिथि के कारण जया एकादशी 8 फरवरी को रखा जाएगा.
Ratha Saptami 2025: माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 4 फरवरी को सुबह 4 बजकर 37 मिनट पर आरंभ होगी. अगले दिन यानी 5 फरवरी को सुबह 02 बजकर 30 मिनट पर इसका समापन होगा. उदया तिथि के अनुसार, रथ सप्तमी 4 फरवरी को मनाई जाएगी.
Mahakumbh Third Amrit Snan: महाकुंभ में बसंत पंचमी के अमृत स्नान की शुरुआत हो चुकी है. इस मौके पर ऑपरेशन इलेवन चलाकर क्राउड मैनेजमेंट स्पेशल प्लान के तहत व्यवस्था संभाली जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह योजना बनाई गई है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से वन वे रूट तैयार किया गया है.
February 2025 Vrat Tyohar List: फरवरी का महीना कल से शुरू हो रहा है. इस महीने में कई बड़े व्रत-त्योहार आने वाले हैं और साथ में कई बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन होने वाला है. तो आइए जानते हैं पूरी लिस्ट.