भगवान गणपति का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन हुआ था इसलिए इस दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है. इस बार गणेश चतुर्थी का त्योहार 22 अगस्त यानी आज मनाया जा रहा है. गणेश चतुर्थी को बहुत पवित्र और फलदायी त्योहार माना जाता है.
आज से पूरे देश में गणपति उत्सव शुरू हो जाएगा जो लगभग दस दिनों तक चलेगा. इसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति का विसर्जन किया जाएगा है. महाराष्ट्र में यह पर्व गणेशोत्सव के तौर पर मनाया जाता है. इस दौरान गणेश जी को भव्य रूप से सजाकर उनकी पूजा की जाती है.
गणपति की पूजा बहुत सावधानी से करनी चाहिए. इस दिन जरा सी भी चूक होने पर पूजा का फल नहीं मिलता है. आइए जानते हैं कि इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और पूजा की थाली कैसे तैयार करनी चाहिए.
गणपति पूजन के लिए आप स्टील या ब्रास की थाली ले सकते हैं. इस पर लाल रंग की पेस्टल शीट या कपड़ा चढ़ाएं. इसे आध्यात्मिक रूप देने के लिये इसमें स्वास्तिक बना दें.
थाली के किनारों को आकर्षक डिजाइन देने के लिए इसे थोड़ा सजा भी सकते हैं. किनारों पर स्टोन, चमकते हुए सितारे या फिर लेस चिपका सकते हैं.
थाली में कुमकुम और चावल को अलग-अलग छोटी कटोरी में रखें. थाली में दीया, अगरबत्ती, धूपबत्ती और मिठाई भी रखें. भगवान गणेश को मोदक का भोग अधिक प्रिय है. अपनी पूजा की थाली में मोदक रखें.
फूलों आदि से भी थाली की डेकोरेशन की जा सकती है. इसके लिए रंगे बिरंगे फूलों को शामिल किया जा सकता है.