आज महाशिवरात्रि के दिन यानी 11 मार्च को हरिद्वार में महाकुंभ का पहला शाही स्नान शुरू हो चुका है. बारह साल में एक बार आयोजित होने वाला पूर्ण कुंभ मेला इस वर्ष हरिद्वार में आयोजित किया गया है.
कुंभ मेले की शुरुआत शाही स्नान से होती है. सबसे पहले साधु-संत गंगा में डुबकी लगाते हैं. उसके बाद अन्य लोग स्नान का आनंद लेते हैं.
(फोटो-आशुतोष मिश्रा)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुंभ में स्नान करने से व्यक्ति के रोग दूर होते हैं और सभी पापों से मुक्ति मिलती है, जिससे व्यक्ति मोक्ष प्राप्त करने में सफल होता है.
शाही स्नान को राजयोगी स्नान भी कहा जाता है. हिंदू धर्म के अनुसार, देवताओं और राक्षसों द्वारा समुद्र मंथन के बाद अमृत कलश निकला और इस पाने के लिए दोनों पक्षों में लड़ाई हुई. गरूड़ अमृत कलश लेकर आकाश में उड़ गया और रास्ते में हरिद्वार, इलाहाबाद, नासिक और उज्जैन सहित चार स्थानों पर अमृत गिरा. इसलिए कहा जाता है कुंभ मेले के दौरान शाही स्नान करने से अमरत्व की प्राप्ति होती है.
शाही स्नान सुबह 4 बजे शुरू हुआ.. निर्धारित समय से पहले अखाड़ों से साधु-संत और उनके शिष्यों ने एक लंबा जुलूस निकाला.
हजारों की तादाद में साधु-संत, अघोरी और नागा बाबा आदि शरीर पर भस्म में लिप्त नग्न अवस्था में स्नान किया. वे हाथों में कई तरह के हथियार, तलवार और वाद्य यंत्र आदि लेकर चलते दिखाई देते हैं.
(फोटो-आशुतोष मिश्रा)