आज माघ माह की पूर्णिमा है. शास्त्रों में माघी पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसी मान्यताए हैं कि इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति हो जाती है. साथ ही, माघी पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्नान के बाद दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है. आइए जानते हैं कि इस दिन दान-स्नान की प्रक्रिया और पूजन विधि क्या है.
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1. माघ पूर्णिमा के दिन सुबह सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी में स्नान करें. साफ-सुथरे वस्त्र धारण करने के बाद सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए.
2. स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें. लक्ष्मी-नारयण को फल, फूल और मिठाई का भोग लगाएं. विष्णु जी को तुलसी दल अर्पित करें. उनके मंत्रों का उच्चारण करते रहें और फिर लोगों में प्रसाद बांटें.
3. इसके बाद दोपहर के समय किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को भोजन कराकर दान-दक्षिणा देना चाहिए. आप अपने सामर्थ्य के अनुसार कोई भी चीज दान कर सकते हैं. इसमें अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, घी, कंबल या खाने की चीजों का दान उत्तम माना जाता है.