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Choti Diwali 2021: छोटी दिवाली कल, जरूर करें ये काम, जानें पूजा विधि व शुभ मुहूर्त

Choti Diwali 2021 Date: दिवाली से एक दिन पहले 3 नवंबर 2021 दिन बुधवार को छोटी दिवाली मनाई जाएगी. इस दिन को नरक चतुर्दशी अथवा नरक चौदस भी कहते हैं. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षस राज नरकासुर का वध कर संसार को उसके भय से मुक्त किया था. इस दिन संध्या के समय पूजा की जाती है और लोग परंपरा के अनुसार दीपक जलाते हैं.

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छोटी दिवाली कल
छोटी दिवाली कल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यमराज के लिए जलाएं तेल का दीपक
  • चांद की रोशनी में स्नान करने का विशेष महत्व

Choti Diwali 2021: दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाई जाती है. छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है. इस दिन घरों में यमराज की पूजा की जाती है. छोटी दिवाली पर शाम के वक्त घर में दीपक लेकर घूमने के बाद उसे बाहर मुख्य दरवाजे पर रख दिया जाता है. इसे यम का दीपक कहते हैं. मान्यता है कि यमराज के लिए तेल का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु भी टल जाती है. छोटी दिवाली को सौन्दर्य प्राप्ति और आयु प्राप्ति का दिन भी माना जाता है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की उपासना भी की जाती है, क्योंकि इसी दिन उन्होंने नरकासुर का वध किया था. आपको बताते हैं छोटी दिवाली की पूजा विधि, दिया जलाने का शुभ मुहूर्त और इस पर्व का महत्व. 

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छोटी दिवाली के शुभ मुहूर्त 
पंचांग के अनुसार, छोटी दिवाली 3 नवंबर दिन बुधवार को है. इस दिन अभयंग स्नान अनुष्ठान करने के लिए शुभ समय सुबह 05.40 बजे से 06.03 बजे तक है. हनुमान जयंती की पूजा सुबह 9 बजकर 02 मिनट के बाद कर सकते हैं. शाम को यम दीपक जलाने के लिए शुभ समय शाम 6 बजे से लेकर रात 8 बजे तक रहेगा.

छोटी दिवाली पर चांद की रोशनी में करें स्नान 
छोटी दिवाली के दिन सुबह या शाम को चन्द्रमा की रोशनी में जल से स्नान करना चाहिए. ध्यान रखें पानी गर्म न हो, ताजा या शीतल जल ही होना चाहिए. ऐसा करने से न केवल अद्भुत सौन्दर्य और रूप की प्राप्ति होती है, बल्कि स्वास्थ्य की तमाम समस्याएं भी दूर होती हैं. इस दिन दीपदान भी अवश्य करना चाहिए. शाम के समय घर की दहलीज पर दीप जलाएं और यम देव की पूजा करें. छोटी दिवाली या नरक चौदस के दिन भगवान हनुमान की भी पूजा करें. 

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दीर्घायु के लिए जलाएं इस तरह दीपक
नरक चतुर्दशी पर मुख्य दीपक लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए जलता है. इसको यमदेवता के लिए दीपदान कहते हैं. घर के मुख्य द्वार के बाएं ओर अनाज की ढ़ेरी रखें. इस पर सरसों के तेल का एक मुखी दीपक जलाएं. दीपक का मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए. अब वहां पुष्प और जल चढ़ाकर लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें.


नरक से मिलती मुक्ति
नरक चतुर्दशी पर सुबह तेल लगाकर चिचड़ी की पत्तियां (चिचड़ी- चमत्कारी पौधा) पानी में डालकर स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है. इस मौके पर 'दरिद्रता जा लक्ष्मी आ' कह घर की महिलाएं घर से गंदगी को घर से बाहर निकालती हैं.

 

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