scorecardresearch
 

ऐसे करें सावन के पहले सोमवार की पूजा...

सावन में शि‍व पूजन से इंसान के जीवन में सुख-समृद्धि‍ बनी रहती है और वह भगवान बम भोले की कृपा का पात्र भी बना रहता है. सावन को शि‍व उपासना का सबसे बड़ा माध्यम माना गया है...

Advertisement
X
सावन के सोमवार की पूजा
सावन के सोमवार की पूजा

सावन के सोमवार के व्रत में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है. पुराणों और शास्त्रों के अनुसार सोमवार के व्रत तीन तरह के होते हैं. सावन सोमवार, सोलह सोमवार और सोम प्रदोष. शिव पूजा के बाद सोमवार व्रत की कथा सुननी आवश्यक है.

आइए जानें, कैसे करें सावन के पहले सोमवार की पूजा...

- पूरे घर की सफाई कर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं.
- गंगा जल या पवित्र जल पूरे घर में छिड़कें.
- घर में ही किसी पवित्र स्थान पर भगवान शिव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें.
- पूरी पूजन तैयारी के बाद निम्न मंत्र से संकल्प लें:
'मम क्षेमस्थैर्यविजयारोग्यैश्वर्याभिवृद्धयर्थं सोमवार व्रतं करिष्ये'
- इसके पश्चात निम्न मंत्र से ध्यान करें:
'ध्यायेन्नित्यंमहेशं रजतगिरिनिभं चारुचंद्रावतंसं रत्नाकल्पोज्ज्वलांग परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम्‌।
पद्मासीनं समंतात्स्तुतममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं विश्वाद्यं विश्ववंद्यं निखिलभयहरं पंचवक्त्रं त्रिनेत्रम्‌॥'

- ध्यान के पश्चात 'ॐ नमः शिवाय' से शिवजी का तथा 'ॐ नमः शिवाय' से पार्वतीजी का षोडशोपचार पूजन करें.
- पूजन के पश्चात व्रत कथा सुनें और आरती करके प्रसाद वितरण करें.
- इसके बाद भोजन या फलाहार ग्रहण करें.

Advertisement

सावन सोमवार व्रत का फल
सोमवार व्रत नियमित रूप से करने पर भगवान शिव तथा देवी पार्वती की अनुकंपा बनी रहती है. जीवन धन-धान्य से भर जाता है. सभी अनिष्टों का हरण कर भगवान शिव अपने भक्तों के कष्टों को दूर करते हैं.

Advertisement
Advertisement