माघ के महीने में आने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. मौनी अमावस्या इस बार 11 फरवरी को पड़ रही है. इस दिन मौन रहकर दान और स्नान करने का विशेष महत्व होता है. अमावस्या (Mauni Amavasya 2021) के बारे में ये भी कहा जाता है कि इस दिन मनु ऋषि का जन्म हुआ था और मनु शब्द से ही मौनी की उत्पत्ति हुई है. इसलिए इस अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं.
मौनी अमावस्या के व्रत में मौन धारण करने का विशेष महत्व माना जाता है. शास्त्रों में लिखा है कि होंठों से ईश्वर का जाप करने से जितना पुण्य मिलता है. उससे कई गुणा अधिक पुण्य मौन रहकर जाप करने से मिलता है. वैसे तो दिन भर मौन रखने की बात कही गई है लेकिन अगर दान से पहले सवा घंटे तक मौन रख लिया जाए तो दान का फल 16 गुना अधिक मिलता है और मौन धारण कर व्रत का समापन करने वाले को मुनि पद की प्राप्ति होती है.
माघ महीने में पवित्र नदियों में स्नान करना तो शुभ होता ही है लेकिन मौनी अमावस्या पर इस स्नान का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है. ज्योतिष के जानकारों की मानें तो मौनी अमावस्या पर मौन रहकर स्नान और दान करने से इंसान के कई जन्मों के पाप मिट जाते हैं. तो आइए जानते हैं इस दिन कैसे करें स्नान और पूजन
मौनी अमावस्या के नियम
- सुबह या शाम को स्नान के पहले संकल्प लें
- पहले जल को सिर पर लगाकर प्रणाम करें फिर स्नान करें
- साफ कपड़े पहनें और जल में काले तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें
- फिर मंत्र जाप करें और सामर्थ्य के अनुसार वस्तुओं का दान करें
- चाहें तो इस दिन जल और फल ग्रहण करके उपवास रख सकते हैं
मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त
मौनी अमावस्या 10 फरवरी 2021 को 01 बजकर 10 मिनट से 11 फरवरी 2021 की रात 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगी. इस दिन क्रोध करने से बचें. किसी को अपशब्द न बोलें. ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इस दिन बेहतर होगा कि आप मौन रहकर ईश्वर का ध्यान करें, क्योंकि मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर मानसिक जाप करने से कई गुना ज्यादा फल मिलता है.