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Navratri Vrat Parana 2021: जानें- नवरात्रि पर व्रत पारण का सही समय, व्रत खोलने में ना तोड़ें ये नियम

Navratri Vrat Parana 2021: शारदीय नवरात्रि का आरंभ घटस्थापना के साथ होता है तो वहीं समापन व्रत पारण के साथ किया जाता है. नवरात्रि 7 अक्टूबर को शुरू हुए थे और व्रत पारण 15 अक्टूबर को हवन और कन्या पूजन के साथ किया जाएगा. मान्यता है कि व्रती को नवरात्रि व्रत का फल तब तक नहीं मिलता, जब तक वह व्रत का पारण विधि-विधान से न कर ले.

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Navratri Vrat Parana 2021 Rule
Navratri Vrat Parana 2021 Rule
स्टोरी हाइलाइट्स
  • व्रत पारण में नियमों का करें पालन
  • व्रत पारण का नियम व सही समय

Navratri Vrat Parana 2021: नवरात्रि में व्रत पारण को लेकर अलग-अलग नियम हैं. कुछ व्रती सात दिन का व्रत रखते हुए अष्टमी को पूजन के बाद व्रत तोड़ लते हैं, वहीं कई जातक आठ दिन का व्रत रखने के बाद पारण करते हैं. वहीं जो लोग पूरे नवरात्रि व्रत नहीं रख पाते हैं, वो नवरात्रि के पहले दिन और अष्टमी को व्रत रखने के बाद नवमी को व्रत पारण करते हैं. जो लोग नवमी को हवन करते हैं, वे हवन व नवमी तिथि की समाप्ति के बाद पारण कर सकते हैं.

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व्रत पारण का शुभ मुहूर्त 
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि अष्टमी तिथि 12 अक्टूबर 2021 दिन मंगलवार को रात 09 बजकर 49 मिनट 38 सेकंड से प्रारंभ हो चुकी है जो 13 अक्टूबर 2021 दिन बुधवार को रात 08 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी. वहीं नवमी 13 अक्टूबर 2021 दिन बुधवार को रात 08 बजकर 09 मिनट से प्रारंभ होकर 14 अक्टूबर 2021 दिन बृहस्पतिवार को शाम 06 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी. इसलिए नवमी का पूजन 14 अक्टूबर 2021, दिन गुरुवार को किया जाएगा. वहीं दशमी तिथि 6 बजकर 53 मिनट से शुरू हो जाएगी. नवमी तिथि सूर्यास्त के पहले पूरी होने पर व्रत आठ दिन व सूर्यास्त के बाद होने पर व्रत नौ दिन व नौ रातों के लिए होता है. 

व्रत पारण के नियम 
1. सुबह उठने के बाद स्नान आदि करके मां दुगा का ध्यान करें. 
 

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2. व्रत पारण के लिए भोजन सात्विक होना चाहिए. भोजन में प्याज, लहसुन, तेज मसाला, नारियल, तेल, लाल रंग का साग, पालक, मैथी ‍नहीं होना चाहिए. 
 

3. ​कन्या पूजन के दौरान जिस प्रकार का भोजन उन्हें कराते हैं, उसी प्रकार के भोजन से व्रत का पारण करना शुभ होता है. 
 

4. अगर आपने अष्टमी का व्रत रखा है तो नवमी के दिन कन्या पूजन से पहले कुछ भी ना खाएं. कन्या पूजने और उन्हें विदा करने के बाद ही पूरे विधि से पारण करना चाहिए. इससे माता रानी की कृपा बनी रहती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.

5. अगर आपने नवरात्रि के पूरे व्रत रखे हैं तो आखिरी दिन किसी भी तरह की हड़बड़ी ना दिखाएं. कई लोग अष्टमी पर रात 12 बजते ही व्रत पारण कर लेते हैं जोकि गलत है. नवमी के दिन सुबह पूरे विधि-विधान के साथ ही व्रत खत्म करें. 

6. इस दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के बाद पूरे विधि से हवन करें और कन्याओं को भोजन कराने के बाद ही इसका समापन करें. नवमी के दिन लौकी खाने की मनाही होती है. अगर नवमी गुरुवार को हो तो इस दिन केले और दूध का सेवन भी नहीं करना चाहिए.  

 

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