चंद्र ग्रहण आज दोपहर 3 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 23 मिनट पर खत्म हुआ. चंद्र ग्रहण एक विशेष खगोलीय स्थिति होती है जिसे ज्योतिष शास्त्र में खराब माना गया है. कहा जाता है कि इसकी वजह से कार्यों में कई तरह की नकारात्मक ऊर्जा आ जाती हैं.
ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण कार्यों में कई तरह विघ्न-बाधाएं लेकर आता है. ज्योतिर्विद विनोद भारद्वाज जी से जानते हैं कि चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करना चाहिए जिससे जीवन में आने वाली बाधाएं दूर हो जाएं.
जीवन में तमाम प्रकार की दिक्कतें आती रहती हैं. ज्योतिष के उपाय से ग्रह-नक्षत्रों की बुरी स्थितियों से बचा जा सकता है. चंद्रमा की कांति प्रकृति को शीतलता प्रदान करती है लेकिन जब चंद्र ग्रहण लगता है तो वायु मंडल में चंद्रमा की कांति का दोष निश्चित रूप से व्यक्ति के मन-मस्तिष्क को प्रभावित करता है.
शास्त्रों में चंद्रमा को मन का कारक कहा गया है. व्यक्ति के बुद्धि-बल को चंद्रमा ही केंद्रित करता है. यदि चंद्रमा के ऊपर ग्रहण लग गया तो हमारे मन-मस्तिष्क और बुद्धि के ऊपर भी ग्रहण लग जाता है. इसे दूर करने के लिए कुछ उपाय किए जाने जरूरी हैं.
जैसे ही चंद्र ग्रहण समाप्त हो सबसे पहले स्नान करना चाहिए. स्नान करने से जो हमारे शरीर में बाह्य दोष होता है वो निश्चित रूप से जल के साथ धुल जाता है क्योंकि चंद्रमा जल की प्रतीक होता है और वो दोष को मिटा देता है.
इसके बाद ऊं नम: शिवाय का जाप करें क्योंकि भगवान शिव चंद्रमा को अपना ललाट पर धारण करते हैं. शिव चालीसा का पाठ करें और हर-हर महादेव का उच्चारण करते हुए शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाएं.
निश्चित रूप से चंद्र ग्रहण के बाद ये कार्य करने से आपको जीवन में इसका पुण्य मिलेगा और चंद्र ग्रहण से जो भी दोष आपके जीवन पर आ रहा है, वो दूर हो जाएगा.
ग्रहण के दौरान घर में भी चंद्रमा की कांति निश्चित रूप से प्रवेश होती है. इसलिए ग्रहण खत्म होने के बाद भगवान शंकर का नाम लेकर पूरे घर में गंगाजल छिड़क कर इसे शुद्ध कर लें. निश्चित रूप से चंद्रमा का दोष आपके घर से दूर हो जाएगा.
दोषमुक्त व्यक्ति जीवन में विकास करता है और उसे जीवन में समृद्धि की प्राप्ति होती है. चंद्र ग्रहण के बाद इन उपायों को करने से आप हर मुश्किल परिस्थितियों से लड़ पाने में सक्षम होंगे और आपको विजय प्राप्ति होगी.