गणेश चतुर्थी (Ganesh chaturthi) के दिन से गणपति बप्पा के उत्सव की शुरुआत हो चुकी है. हालांकि मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के मौके पर कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती का पहरा है. मुंबई के पंडालों में आम लोगों को दर्शन की अनुमति नहीं है, लेकिन 10 दिवसीय इस उत्सव को लेकर लोगों में उत्साह नजर आ रहा है. मुंबई के लोगों ने गणेश जी की झांकियों को कुछ इस तरह सजाया है, जो सामाजिक संदेश देती हुई नजर आ रही हैं. ऐसी ही कुछ झांकियों की तस्वीरें हम आपको दिखाते हैं.
मुंबई में गणेश जी की अद्वितीय झांकियां आपका मन मोह लेंगी. महामारी के दौरान कोरोना वॉरियर्स ने जिस तरह अपनी जान की परवाह न करते हुए आम लोगों की जान बचाई, ऐसे ही कोरोना वॉरियर्स की हौसला अफजाई करते हुए झांकियां दिखाई दे रही हैं. साथ ही बाढ़ के कारण भी मुंबई प्रभावित रही. इस गणेश उत्सव की झांकियों में गणपति जी स्वंय बाढ़ में पेड़ की एक टहनी पर दिखाई दे रहे हैं.
कोविड योद्धाओं को सलाम
मुंबई के खेतवाड़ी में सजाई गई गणपति की झांकी में कोविड योद्धाओं को सलाम किया गया है. इस झांकी को तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा. इस झांकी में डॉक्टर से लेकर पुलिस, मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट ड्राइवर और कंडक्टर तक हैं. हालांकि खेतवाड़ी को गणपति की लंबी मूर्तियों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस साल कोविड प्रतिबंधों के कारण सभी गणपति की मूर्तियां छोटी हैं. प्रसाद करंजावकर ने बताया कि "कोविड-19 के कारण मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र ने बड़ा संकट झेला है. इस बीच बिना किसी डर के कोविड योद्धाओं ने हमें बचाया, इसलिए इस वर्ष गणेश उत्सव की ये झांकी हम उन्हें समर्पित कर रहे हैं और अपने योद्धाओं को सलाम कर रहे हैं."
बाढ़ में चूहों को बचाते गणपति
मुंबई के सायन में गणेश जी की बेहद ही आकर्षक झांकी तैयार की गई है. बाढ़ के बीच में गणपति की मूर्ति स्थापित है जो अपने चूहे को बचा रहे हैं. घर के मालिक फ्रैंकलिन पॉल ने कहा, "संदेश बहुत स्पष्ट है कि हमें उस समस्या को हल करना होगा, जिसका सामना मुंबई के लोग हर साल कर रहे हैं. बप्पा हम लोगों की रक्षा के लिए यहां हैं. बुनियादी ढांचा और विकास अच्छा है, लेकिन पर्यावरण की दृष्टि से नहीं." झांकी निर्माता अद्वैत सप्त ने कहा, "सजावट में लगभग एक महीने का समय लगा.
बप्पा दे रहे कोविड वैक्सीन
रोकड़े परिवार द्वारा भी 66वां गणपति उत्सव मनाया जा रहा है. इस झांकी में बप्पा का डॉक्टर अवतार दिखाया गया है. जाह्नवी रोकाडे ने कहा कि " गणपति बप्पा का पसंदीदा भोग लड्डू है. झांकी के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया है कि गणपति बप्पा अपना पसंदीदा भोग जो लोगों को दे रहे हैं, वो कोरोना वैक्सीन है. इसलिए वैक्सीन लेने में संकोच न करें. अगर हमें कोरोना को भगाना है तो सभी को टीकाकरण करवाना होगा.
ट्रैफिक का बोझ
वहीं मुंबई के दीपक मकवाना परिवार के द्वारा भी गणपति की बेहद शानदार झांकी सजाई गई है. ये झांकी मुंबई की भावी तटीय सड़क की है. दीपक मकवाना इंटीरियर डिजाइनर हैं और हर साल ऐसी अनूठी सजावट करते हैं. मकवाना का कहना है कि तटीय सड़क से मुंबई की सड़कों पर यातायात का बोझ कम हो सके, इसके लिए उन्होंने इस झांकी के माध्यम से एक संदेश देने का प्रयास किया है.