शनि देव न्याय के देवता है. इसलिए इन्हें कलियुग के न्यायाधीश और कर्मफल दाता भी कहा जाता है. क्योंकि ये मनुष्यों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. ज्योतिष शास्त्र में शनि देव बहुत महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 23 मई 2021 रविवार को दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर शनि देव मार्गी से वक्री होने जा रहे हैं. यानी शनि की उल्टी चाल शुरू हो जाएगी. शनि की ये वक्री चाल 143 दिन तक ऐसे ही बरकरार रहेगी. शनि 11 अक्टूबर 2021 यानी 5 महीने बाद वापस वक्री से मार्गी हो जाएंगे. आइए जानते हैं पंडित प्रतीक भट्ट से कि शनि के वक्री होने पर सभी राशियों पर क्या असर पड़ेगा.
मेष- इन राशि वालों के दसवें घर में शनि वक्री होंगे. आजीविका के नए साधन खुलेंगे. विदेश यात्रा का योग हैं. आर्थिक स्थिति में लाभ होगा. जीवन में सफलता के नए मार्ग प्रशस्त होंगे. किसी की चुगली करने से बचें. माता-पिता की सेवा करें. भाग्य उदय होगा.
वृष- वक्री शनि वृषभ राशि के 9वें घर में होंगे और अष्टम की तरफ अग्रसर होंगे. ये समय आपके लिए बेहद शुभ फल देने वाला है. व्यावसायिक कार्यों में सफलता मिलेगी, नौकरी, धन व्यापार, रुके हुए कार्ये पूरे होंगे. जीवन में आगे बढ़ेंगे. स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, पारिवारिक जीवन अच्छा होगा. वाणी पर नियंत्रण रखें. धर्म के रास्ते पर चलें.
मिथुन- मिथुन राशि वालों के 8वें भाव में शनि वक्री होंगे. इस समय आपको थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. कोर्ट-कचहरी, वाद-विवाद, घर परिवार में क्लेश की स्थिति पैदा हो सकती है. सड़क पर वाहन सावधानी बरतें. वाणी की वजह से विवाद हो सकता है. शादी के मामले में विघ्न आ सकता है.
कर्क- कर्क राशि के जातकों के लिए शनि की उल्टी चाल बेहद खास रहने वाली है. शनि आपकी राशि के 7वें भाव में वक्री होंगे. व्यापार में लाभ मिलेगा, पति-पत्नि के बीच मतभेद खत्म होंगे. प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी. पिता से लाभ मिलेगा. फिजुल खर्चों पर नियंत्रण लगा पाएंगे. आर्थिक लाभ हो सकता है. वाद-विवाद से बचें.
सिंह- सिंह राशि के छठे घर में शनि वक्री होंगे. इस राशि वालों के लिए बेहद शुभ फल देने वाला है. लंबे समय से चल रही बीमारी खत्म होगी. नौकरी में सफलता मिलेगी. शत्रु खत्म होंगे. आने वाला जीवन बेहतर होगा और तरक्की मिलेगी. व्यापार में तरक्की होगा. कर्ज खत्म होंगे. प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी. नौकरी बदलने पर उच्च पद की प्राप्ति होगी.
कन्या- कन्या राशि के 5वें से 4भाव में शनि वक्री होने जा रहे हैं. यह समय इस राशि वालों के लिए अच्छा माना जा रहा है. शिक्षा प्रभावित होगी. शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं. मन को शांत रखने की जरूरत है. एक्स्ट्रा मैरेटियल अफेयर करने से बचें.
तुला- तुला राशि के जातकों के चौथे भाव में वक्री होंगे. आगामी पांच महीनों में प्रॉपर्टी खरीदने के योग हैं. शत्रुओं से छुटकारा मिलेगा. आय प्रभावित हो सकती है. इसलिए पूजा-पाठ करें. शेयर मार्केट आदि में निवेश करने से बचें. माता-पिता और आपका स्वास्थय अच्छा रहेगा. यात्रा करते समय सावधानी बरतें. कोई लंबी यात्रा करने से बचें.
वृश्चिक- वृश्चिक राशि के जातकों के तीसरे भाव में शनि वक्री होंगे. इस राशि वालों को करियर में सफलता मिलेगी. छोटी यात्रा कर सकते हैं जिससे लाभ की प्राप्ति होगी. रुके हुए सारे काम बनेंगे. शेयर मार्केट आदि में लाभ मिलेगा. बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं. आए के नए स्रोत सामने आ सकते हैं. लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयां खत्म हो सकती हैं. विरोधी परास्त होंगे.
धनु- धनु राशि वालों के दूसरे भाव में शनि वक्री होंगे. धनु राशि वालों को निवेश करने से लंबे समय तक फायदा होगा. प्रॉपर्टी के मामले में भी लाभ होगा. शनि की साढ़ेसाती खत्म होने जा रही है. पदोन्नति हो सकती है. संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ मिलेगा. आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा. ससुराल पक्ष से हानि की संभावना है. विवाह से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें.
मकर- शनि अपनी ही राशि मकर में हैं. मनोबल में कमी आएगी. मानसिक कष्ट हो सकता है. पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें. ऑफिस या कार्यक्षेत्र में गिरावट आ सकती है. पति-पत्नि के बीच मतभेद हो सकते हैं. किसी भी काम में जल्दबाजी ना करें. व्यापार सोच समझकर करें. भाई-बहनों और पड़ोसियों से विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है. निवेश करने से बचें.
कुंभ- शनि की वक्री चाल 12वें घर में होगी. खर्चों में तेजी से वृद्धि होगी. इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक्स के व्यापार में नुकसान हो सकता है. कोई रोग अचानक हो सकता है. कर्ज लेने से बचें. शत्रु हावी होंगे. अधिकारी का सहयोग नहीं मिलेगा. अपनी मेहनत पर ध्यान दें. वाणी पर नियत्रंण रखें.
मीन- शनि की उल्टी चाल 11वें भाव में शुरू होगी. आय के नए श्रोत खुलेंगे. मान-सम्मान बढ़ेगा. पद, पैसा, प्रसिद्धि बढ़ेगी. सरकारी पद से और बड़े अधिकारियों से सहयोग की प्राप्ति होगी. आर्थिक पक्ष मजबूत होगा. मित्रों से लाभ मिलेगा. संतान पक्ष से लाभ मिलेगा. मनोबल बढ़ेगा. खर्चों पर नियंत्रण रखें. प्रेम विवाह होने की संभावना है.