साल का दूसरा ग्रहण लग गया है. हरिद्वार के ज्योतिषाचार्य प्रतीक मिश्रपुरी का कहना है कि आज का ग्रहण बहुत बड़ा सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन यह सूर्य ग्रहण पूरे भारत में दृश्यनीय नहीं है. साल का पहला सूर्य ग्रहण केवल अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों में ही आंशिक रूप से दिखाई देगा.
इसके अलावा, यूरोप और अमेरिका में इस ग्रहण का प्रभाव पूर्ण रूप से देखने को मिलेगा. भारत में इस ग्रहण की बहुत अल्प अवधि होगी. ग्रहण में सूतक मान्य नहीं होगा. ज्योतिषाचार्य प्रतीक का कहना है कि ग्रहण की अवधि में लोग बेफिक्र होकर ध्यान और पूजा-पाठ कर सकते हैं.
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि इस ग्रहण काल में किसी भी तरह घबराने की आवश्यकता नहीं है. मंदिरों में इसका सूतक मान्य नहीं होगा. आप हर दिन की तरह पूजा-पाठ कर सकते हैं.
वहीं, उज्जवल पंडित का कहना है कि शास्त्रों के अनुसार तो इस तरह की ग्रहण की चर्चा करना भी निषेध है. यानी आज का जो कंकण सूर्य ग्रहण है, वह भारत के केवल अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के क्षेत्र में ही दिखाई देगा.
भारत में ये सूर्यास्त के समय लगभग 12 से 17 मिनट तक दिखेगा जिसको हम खुली आंखों से नहीं देख सकते हैं. इसे दूरबीन के माध्यम से ही देखा जा सकता है.
उज्जवल पंडित का कहना है कि हमारे शास्त्र ऐसा कहते हैं कि जिस सूर्य ग्रहण का या किसी भी ग्रहण का जो अंश होता है, वो अगर एक उंगली से भी कम हो अर्थात 10% से भी कम हो तो उसकी चर्चा नहीं करनी चाहिए.
उज्जवल पंडित के अनुसार किस राशि पर ग्रहण का क्या प्रभाव पड़ेगा, किन व्यक्तियों पर प्रभाव पड़ेगा, प्रकृति पर कैसा प्रभाव पड़ेगा, मानव जाति पर कैसा प्रभाव पड़ेगा, राजनीतिक स्थिरता-अस्थिरता पर चर्चाएं आदि नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह सूर्य ग्रहण केवल और केवल तीन प्रतिशत का है.
पंडित कहते हैं कि भारतीय शास्त्र के अनुसार इसकी कहीं भी प्रभावकारी चर्चा नहीं आई है. उज्जवल पंडित कहते हैं कि उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध पंचांग में भी कहीं इस प्रकार की चर्चा नहीं की गई है.
ग्रहण का समापन काल 6.41 बजे होगा. यह कहीं भी दिखेगा नहीं देखा. सिर्फ उत्तर भारत के जम्मू कश्मीर में और अरुणाचल प्रदेश में थोड़ा सा दिखाई देगा. इन जगहों पर दिखाई देने का समय लगभग 12 से 17 मिनट का होगा.